भास्कर न्यूज|गिरिडीह झारखंड सरकार ने पंचायती राज को पंगु बना दिया है। तीन सालों से न कोई फंड न कोई योजना, गावों का विकास ठप पड़ा हुआ है। जिला परिषद के सदस्य गांव में एक चापानल भी नहीं करवा सकते। ऐसे में आने वाले चुनाव में पंचायत के जनप्रतिनिधि जनता के सामने वोट मांगने के लिए किस मूंह से जाएंगे। यह चिंता का विषय बना हुआ है। ये बातें जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सारे जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार को आयोजित जिप बोर्ड की बैठक के बाद कही। इससे पहले जिला परिषद बोर्ड की बैठक में पंचायतों को विकास योजनाओं से उपेक्षित किए जाने के सवाल पर जमकर हंगामा हुआ। बैठक की अध्यक्ष जिप अध्यक्ष मुनियां देवी कर रही थी। मौके पर डीडीसी स्मृता कुमारी ने साफ तौर पर कहा कि सरकार से जब फंड आएगा पंचायतों को आवंिटत कर दिया जाएगा। जब सरकार से आवंटन ही नहीं मिल रहा है तो फिर कहां से फंड दिया जा सकता है। फिलहाल जो व्यवस्था है उसी में सभी को काम करना है। जिसमें सर्वसम्मति से 6 प्रस्ताव पारित किए गए। जो प्रस्ताव पारित किए गए उसमें जिला परिषद दुकानों के किराए में वृद्धि करने, यूनिक पोल अधिष्ठापन, स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण, डाक बंगला (मकतपुर) एवं स्टाफ क्वार्टर निर्माण, जिप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष एवं सचिव कार्यालय का सौंदर्यीकरण एवं 15वीं वित्त आयोग से संचालित योजनाओं के अंतिम भुगतान हेतु जिप सदस्यों से सहमति पत्र प्राप्त करने का प्रस्ताव शामिल है। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी, उपाध्यक्ष छोटे लाल यादव, सदर विधायक प्रतिनिधि प्रमिला मेहरा, गांडेय विधायक प्रतिनिधि महालाल सोरेन, धनवार विधायक प्रतिनिधि अशोक उपाध्याय, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि शबन खान सहित जिला परिषद के सभी सदस्य एवं जिले के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। चापानल भी नहीं लगवा सकते जिप सदस्य जिला परिषद सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वे अपने-अपने क्षेत्रों में एक भी विकास योजना का कार्य नहीं करवा सके हैं। जिला परिषद सदस्य की अनुशंसा पर पांच चापानल लगाए जाएंगे तथा 15वीं वित्त योजना के तहत छोटी सड़कों, नालियों और तालाबों का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन अब तक एक भी चापानल नहीं लगाया जा सका है। आवंटन मिलते ही पंचायतों में जाएगी राशि : डीडीसी जिला परिषद सचिव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में 15वीं वित्त आयोग के तहत जिला परिषद को कोई राशि आवंटित नहीं की गई है, जिससे जिले में विकास योजनाओं का संचालन संभव नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक अनुशंसा से उनके क्षेत्रों में चापानल लगाए गए हैं। राज्य सरकार से राशि प्राप्त होने के बाद सभी जिला परिषद सदस्यों को समान रूप से उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित की जाएगी। जिला परिषद की आय में वृद्धि के लिए कई प्रस्ताव रखे गए, जिनमें जिला परिषद दुकानों के किराए में वृद्धि, जिला परिषद परिसर की खाली जमीन पर मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण तथा बस स्टैंड स्थित जिला परिषद की जमीन पर विवाह भवन निर्माण शामिल है। इन सभी प्रस्तावों को सदस्यों ने ध्वनि मत से पारित किया।


