453 ग्राम पंचायतें, 41 जिला परिषद सदस्य, 263 पंचायत समिति सदस्य, 15 प्रधान और एक जिला प्रमुख के चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 25 फरवरी को पंचायती राज चुनाव के लिए मतदाता सूची का अंंतिम प्रकाशन होगा। माना जा रहा है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद 28 फरवरी को चुनाव की आचार संहिता लागू होगी। दरअसल न्यायालय का लगातार दबाव और आदेश है कि पंचायत और निकायों के चुनाव मार्च-अप्रैल में कराए जाएं। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि मार्च में पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू हो सकती है। संभव है कि इस बार पंचायत चुनाव की आचार संहिता 60 दिन की जगह 45 दिन या 30 दिन भी हो सकती है क्योंकि पंचायत के तुरंत बाद निकाय चुनाव भी होने हैं। इसी लिहाज से निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों को तैयार करने के निर्देश जारी कर चुका है। एसआईआर को लेकर सारी तैयारी 14 फरवरी तक पूरी हो जाएगी। 25 फरवरी को पंचायती राज से जुड़ी मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बाद चुनाव आयोग कभी भी आचार संहिता लागू कर सकता है। अमूमन ऐसा ही देखने में आया कि मतदाता सूची का प्रकाशन के 10 दिन के भीतर आचार संहिता लागू हो जाती है। इस हिसाब से अंदाजा है कि मार्च के प्रथम सप्ताह में आचार संहिता लागू होने की संभावना है। इस बार जिला परिषद सदस्यों की संख्या 29 से बढ़ाकर 41, ग्राम पंचायतें 89 नई बनाई गई इसलिए 453 ग्राम पंचायतों, 15 पंचायत समितियों के 263 पंचायत समिति सदस्य और बाद में प्रधान और जिला प्रमुख का चुनाव होगा। पहली बार जिले में बनेंगे 15 प्रधान सरकार ने हाल ही में रिड़ी, रुणिया, जसरासर, छत्तरगढ़ और बीठनोंक को नई पंचायत समिति बनाया है। इससे पहले जिले में बीकानेर, नोखा, पांचू, कोलायत, लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला, पूगल, बज्जू, हदां पंचायत समिति थी। यानी इस बार प्रधानों की संख्या भारी-भरकम होगी। हालांकि चुनाव प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी उन्हें मतदाता सूची तैयार करने के लिए कहा गया है। आचार संहिता कब लागू होगी और कब चुनाव होंगे इसके कोई निर्देश नहीं है। पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का कार्यक्रम यहां होने हैं चुनाव बीकानेर जिले के परिसीमन के बाद 89 नई पंचायतों का गठन हुआ है। इसमें सर्वाधिक 14 नई पंचायतें बज्जू पंचायत समिति में बनी। लूणकरणसर में सबसे कम सिर्फ दो पंचायतें बनाई गई। जहां नई पंचायतें बनी उसमें लूणकरणसर में चार पंचायतों की सीमा बदली और 2 नई पंचायतें बनी। श्रीडूंगरगढ़ में 13 नई पंचायतें बनी इस कारण 23 प्रभावित हुई। बीकानेर पंचायत समिति में 9 नई बनी और 20 में टूट-फूट हुई। नोखा में 10 नई पंचायतें बनीं और 24 की सीमाएं बदलीं। पांचू में 15 पंचायतों में बदलाव हुआ और 6 नई पंचायतों का गठन हुआ। बज्जू में 37 पंचायतों में बदलाव करते हुए 14 नई पंचायतें गठित की गई। खाजूवाला में 13 नई पंचायतें बनी इसलिए 32 की सीमाएं बदलीं। पूगल में 9 और हदां में 4 नई पंचायतों का गठन हुआ। कोलायत में 9 नई पंचायतें बनीं और 29 की सीमाएं प्रभावित हुई। नोटिफिकेशन जारी होने ही पूरे जिले में हलचल मच गई।


