नियमितीकरण की मांग को लेकर 22 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे पंचायत सचिवों ने सोमवार को जिला मुख्यालय अंबिकापुर में रैली निकाली और आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया। पंचायत सचिव संघ नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। सचिव संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के घोषणापत्र में पंचायत सचिवों के नियमितीकरण की मांग को सरकार पूरा नहीं कर रही है। पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर पंचायत सचिव पूरे प्रदेश में आंदोलनरत हैं। पंचायत सचिव काम बंद करते हुए 15 मार्च से ब्लॉक एवं जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। पंचायत सचिवों के आंदोलन के बाद भी छत्तीसगढ़ सरकार ने उनकी नहीं सुनी है। अब तक पंचायत सचिवों की मांगों को लेकर सार्थक चर्चा भी सरकार से नहीं हो सकी है। जिला मुख्यालय में निकाली रैली
पंचायत सचिवों ने आंदोलन के 22 वें दिन जिला मुख्यालयों में रैली निकाली। अंबिकापुर में सरगुजा जिले के पंचायत सचिवों ने रैली निकाली एवं नियमितीकरण की एकमात्र मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम तहसीलदार अंबिकापुर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन में भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में किए गए पंचायत सचिवों के नियमितीकरण की मांग को पूरा करने की मांग की है पंचायतों के सभी काम ठप, आंदोलन तेज करेंगे
पंचायत सचिव संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में सभी पंचायतों के सचिव आंदोलन कर रहे हैं। इससे पंचायत स्तर पर सभी कामकाज ठप हैं। पंचायत स्तर पर राशन कार्ड, प्रमाणपत्र बनाने के कार्य सहित विकास के सभी कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। पंचायत सचिवों की हड़ताल अनिश्चितकालीन है। मांगें पूरी होने से पहले आंदोलन समाप्त नहीं होगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि पंचायत सचिव संघ ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। प्रदेश व्यापी आंदोलन के बाद दिल्ली जाकर जंतर-मंतर मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पंचायत सचिव करेंगे।


