आशीष कुमार /राजीव। बांका/फुल्लीडुमर जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड में एक ऐसे पंचायत सचिव हैं, वे जहां जाते हैं, उस पंचायत में उनके साथ हेराफेरी का मामला निकल जाता है। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी उन पर मेहरबान हैं और एक पंचायत की जगह तीन-तीन पंचायत का प्रभार उनके पास है। यह आरोप है फुल्लीडुमर प्रखंड के पंचायत सचिव नंद कुमार पंडित पर। उनके खिलाफ दो बार जांच भी बैठ चुकी है। उनके खिलाफ तीन साल में तीन पंचायत में अब तक 15.36 लाख की राशि का हेराफेरी का मामला सामने आ चुका है। इसके बावजूद उनके पास वर्तमान में फुल्लीडुमर क्षेत्र के उत्तरी कोझी, तेलिया पहाड़ व खेसर पंचायत का प्रभार है। नंद कुमार ने तीन अलग-अलग पंचायतों से 15 लाख से अधिक राशि उठाई और किसी काम को जमीन पर नहीं उतारा। पहले सड़क निर्माण के लिए पैसे निकाले पर दो साल तक सड़क ही नहीं बनाई। इसके बाद पंचायत भवन में आरटीपीएस काउंटर के उपकरण खरीदने के लिए 3.40 लाख निकाले, लेकिन सिर्फ एक लैपटॉप खरीदा। ज्ञात हो कि उक्त पंचायत सचिव पर कटोरिया प्रखंड क्षेत्र में सरकारी राशि की हेराफेरी के मामले में केस दर्ज हुआ था। अब जब से उन्होंने फुल्लीडुमर प्रखंड क्षेत्र में योगदान दिया, तब से यहां भी राशि की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इधर, खेसर पंचायत में भी एक से डेढ़ लाख रूपए की राशि के हेराफेरी का मामला सामना आ रहा है, लेकिन जांच के अभाव में मामला स्पष्ट रूप से उजागर नहीं हो पाया है। राता पंचायत के आरटीपीएस काउंटर के लिए उपस्कर खरीद के मद की 3 लाख 40 हजार रुपये की निकासी कर ली और उसके एवज में महज एक लैपटॉप खरीद कर राशि गबन कर ली। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के लिए जांच भी की गई। इन सबके बावजूद अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 2022-2023 में केंदुआर पंचायत में भी राशि की अवैध निकासी पंचायत सचिव की ओर से किए जाने का मामला सामने आया है। इसमें षष्टम राज्य वित्त आयोग मद से पंचायत भवन मरम्मत का कार्य होना था। इसका कार्य पूर्ण होने के बाद तकनीकी सहायक ने मापी पुस्तिका में 3 लाख 27 हजार 148 रुपए दर्ज की, लेकिन पंचायत सचिव ने 5.52 लाख की निकासी कर ली। ऐसे में पंचायत सेवक ने एमबी से ज्यादा 2 लाख 25 हजार 352 की अवैध तरीके से अधिक राशि की निकासी की। इन सबके बावजूद अब तक उक्त पंचायत सचिव के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकी है। पंचायत सचिव नंद कुमार ने 2022-2023 में फुल्लीडुमर प्रखंड के राता पंचायत के वार्ड-9 में आनंदी यादव के घर से गजेंद्र यादव के घर तक ईंट सोलिंग व पीसीसी सड़क निर्माण की राशि 10 लाख 7500 रूपए की निकासी की। इसके बाद दो साल तक सड़क का निर्माण नहीं कराया। हालांकि सड़क निर्माण कार्य बाद में शुरू किया गया, जिसे वन विभाग ने रुकवा दिया। इसी बीच डीपीआरओ ने मामले की जांच के आदेश बीडीओ को दिए। उन्होंने मामले को सही पाया। इसके बाद पंचायत सचिव ने खुद को बचाने के लिए 10 लाख 7500 रुपए राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी। ^मुझसे गलती हुई है। निकासी ज्यादा कर लिए हैं, लेकिन जल्द ही निकाली गई राशि जमा कर देंगे। नंद कुमार पंडित, पंचायत सचिव ^इन सभी मामलों की जानकारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी को दे दी गई है। वरीय पदाधिकारी के आदेश के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। – शशि कुमार सिंह, बीपीआरओ, फुल्लीडुमर 10 लाख की राशि निकालकर दो साल तक नहीं बनाई सड़क वरीय पदाधिकारी के आदेश पर होगी कार्रवाई


