सॉ मिल व वुड बेस्ड इंडस्ट्रीज से जुड़े ट्रेडर्स की समस्याओं पर चर्चा के लिए बुधवार को चैंबर भवन में उप समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता कमेटी चेयरमेन तुलसी पटेल ने की, जिसमें राज्यभर से सॉ मिल ट्रेडर्स उपस्थित थे। बैठक में वर्ष 1996 से पूर्व वन क्षेत्र से 5 किमी की परिधि में संचालित आरा मिलों को नियमित करने के वन विभाग के प्रस्ताव पर अब तक कार्रवाई न होने से उत्पन्न समस्याओं पर विचार-विमर्श हुआ। चर्चा की गई कि वैध आरा मिलों को वन सीमा से 5 किमी. दूर स्थापित करने की पूर्व में दी गई नोटिस के आलोक में सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई कर आदेशित किया था कि जनहित को देखते हुए इस दूरी को घटाया जा सकता है। चैंबर द्वारा वन सचिव से बंद आरा मिलों को पुनः संचालित करने का आग्रह किया गया था, जिसपर सचिव ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड से मंतव्य मांगा था। हाल ही में 17 जुलाई को सचिव, वन व पर्यावरण विभाग की अध्यक्षता में हुई बैठक का स्मरण कराते हुए तुलसी पटेल ने कहा कि चैंबर ने सुझाव दिया है कि पंजाब की तर्ज पर झारखंड में भी आरा मिल स्थापित करने की दूरी केवल 100 मीटर निर्धारित की जाए। 1996 से पूर्व अन्य क्षेत्रों (निगम/नोटिफाइड एरिया को छोड़कर) में स्थापित आरा मिलों पर 5 किमी. की पाबंदी शिथिल होने से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। चैंबर उप समिति की बैठक में उपस्थित पदाधिकारी।


