पंजाब के सनौर से पूर्व विधायक हरमीत सिंह पठान माजरा को धोखाधड़ी और रेप के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। गिरफ्तारी वारंट और भगोड़ा घोषित किए जाने के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कोई अंतरिम राहत दिए बिना मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी तय कर दी। सोमवार को जस्टिस त्रिभुवन दहिया की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पठान माजरा ने अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा आदेशों को रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्होंने याचिका लंबित रहने तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने का अनुरोध किया, लेकिन कोर्ट ने इस पर कोई आदेश नहीं दिया। शारीरिक संबंध बनाने का आरोप यह मामला पटियाला के सिविल लाइंस थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता गुरप्रीत कौर ने आरोप लगाया है कि साल 2013-14 में फेसबुक के जरिए संपर्क होने के बाद पठान माजरा ने खुद को तलाकशुदा बताकर शादी का वादा किया। इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। शिकायत के अनुसार, 14 अगस्त 2021 को लुधियाना के एक गुरुद्वारे में दोनों ने विवाह भी किया। बाद में 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे से शिकायतकर्ता को पता चला कि पठान माजरा पहले से विवाहित हैं और उनकी पत्नी का नाम सिमरनजीत कौर है। कोर्ट से जारी हुए थे वारंट पुलिस की अर्जी पर पटियाला की कोर्ट ने 5 सितंबर और 11 सितंबर 2025 को पठान माजरा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इसके बाद 20 दिसंबर 2025 को जेएमआईसी पटियाला की कोर्ट ने उन्हें उद्घोषित व्यक्ति यानी भगोड़ा घोषित कर दिया। हनी ट्रैप और राजनीतिक साजिश का दावा हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में पठान माजरा ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए हनी ट्रैप करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस समय ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं और उन्हें पुलिस की ओर से कोई विधिवत नोटिस नहीं मिला। उनका तर्क है कि जब उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं लंबित थीं, उस दौरान उद्घोषणा की कार्रवाई करना कानूनन गलत है। पठान माजरा ने यह भी दावा किया है कि उनकी पहली पत्नी और शिकायतकर्ता दोनों की सहमति से दूसरी शादी हुई थी। साथ ही विधायक बनने के बाद शिकायतकर्ता द्वारा एक करोड़ रुपए और एक फ्लैट की मांग कर ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया गया है।


