पंजाब के फर्द केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारी सरकार से बेहद नाराज हैं। कर्मचारी सरकार के कांट्रैक्ट सिस्टम से नाराज हैं। फर्द केंद्र कंप्यूटर ऑपरेटर एसोसिएशन (रजि.) पंजाब की बैठक सूबा प्रधान रमनदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एसोसिएशन ने फैसला किया कि सरकार ने अगर उनकी मांगें नहीं मानी तो 2-4 दिसंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। रमनदीप सिंह ने बताया कि पंजाब के सभी फर्द केंद्रों पर पिछले 17–18 साल से सेवा दे रहे डेटा एंट्री ऑपरेटर लगातार शोषण का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन रिकॉर्ड—जमाबंदी, खसरा-गिरदावरी, इंतकाल, रोजनामचा रपट, DCS और अन्य माल रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल करने का काम ऑपरेटरों ने किया। सिस्टम ऑनलाइन करने में ऑपरेटरों ने अहम भूमिका निभाई और इससे गवर्नेस में पारदर्शिता आई और सरकार की आमदनी भी बढ़ी। इसके बावजूद ऑपरेटरों को उनका बनता हक आज तक नहीं मिला। ऑपरेटरों की हड़ताल से रेवेन्यू डिपार्टमेंट के काम रुक जाएंगे फर्द केंद्र के ऑपरेटरों ने अगर हड़ताल की तो प्रदेश भर में रेवेन्यू डिपार्टमेंट के काम रुक जाएंगे। लोग रजिस्ट्रियां नहीं करवा सकेंगे। बिना फर्द लिए रजिस्ट्री करना संभव नहीं है। एसोसिएशन का कहना है पंजाब सरकार ने अगर उनकी मांगें नहीं मानी तो वो हड़ताल को आगे भी बढ़ा सकते हैं। 7300-9000 रुपए में काम कर रहे ऑपरेटर एसोसिएशन के अनुसार 2007 में ऑपरेटरों की सैलरी सिर्फ 2700 रुपए थी और आज 17 साल के बाद भी वेतन मात्र 7,300 से 9,000 रुपए के बीच ही है। नए ऑपरेटरों को तो केवल 7,300–7,400 रुपए ही मिल रहे हैं। न तो ESI-EPF का फायदा दिया गया और न ही कोई विभागीय सुविधा। महंगाई के समय में इतनी कम सैलरी पर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बोनस रोका, कांट्रैक्ट नीति खत्म करने की मांग को लेकर 2–4 दिसंबर को राज्यव्यापी संघर्ष ऑपरेटरों का आरोप है कि अक्टूबर की सैलरी तो मिली, पर नए ऑपरेटरों को 50% दिवाली बोनस नहीं दिया। CMS कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी सरकार उनसे काम लेती रही लेकिन उन्हें पेमेंट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कांट्रैक्ट नीति खत्म करके ऑपरेटरों को सरकार के अधीन करने की मांग को लेकर 2–4 दिसंबर को पंजाब भर में रोष प्रदर्शन होगा।


