जालंधर जिले के एक गांव में लोगों ने चोरी करने आया चोर पकड़ लिया। जिसकी वहां मौजूद लोगों ने छित्तर परेड की। लोगों ने कहा कि पुलिस को इसकी कोई शिकायत नहीं देनी, क्योंकि पुलिस के हिसाब से इसने कोई क्राइम किया नहीं। इसलिए गांव वालों ने खुद इसकी छित्तर परेड की। लोगों ने आगे से इस गांव में नहीं दिखने चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया। जानकारी अनुसर नकोदर तहसील के गांव समरावां में बस अड्डे के बार एक दुकान के आगे बाइक खड़ी थी। वहां यह चोर सामान लेने के बहाने आया। चोर ने दुकान के कोक की बोतल खरीदी और दुकान के बाहर बाइक पर जाकर बैठ गया। उसने थोड़ी देर इधर उधर देखा तो बाइक में चाबी लगाकर स्टार्ट कर ली थी। दुकान में बैठे युवक ने बाइक ले जाते देखा जैसे उसने बाइक को घुमाई तो पास वाली दुकान में बैठे युवक ने देखा की उसकी बाइ कोई ले जा रहा था। उसने भागकर उसे पकड़ लिया, और बाइक की चाबी निकाल ली। मौके पर आसपास के दुकानदार और गांव वासी इकट्ठे हो गए फिर उसकी गांव के लोगों ने खूब छित्तर परेड की। चोर के पास नहीं था कोई आईडी कार्ड जब लोगों ने पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है उसने अपना नाम रमजान बताया, लेकिन उसके पास उसका आधार कार्ड नहीं था। गांव के रहने वाले मनजीत ने बताया कि यह अपना नाम झूठ ही बता रहा है, न ही यह अपने गांव या शहर का नाम बता रहा है। यह कहां से आया और कहां पर रहता है, इसकी कोई जानकारी नही दी। पुलिस को नहीं दी शिकायत जब गांव के लोगों से पूछा गया इस मामले की शिकायत पुलिस दी है तो उन्होंने कहा कि पुलिस को इसकी शिकायत नहीं दी गई। क्योंकि पुलिस के मुताबिक इसने चोरी नहीं की, इसका कोई जुर्म नहीं बनता। पुलिस ने भी इसको वॉर्निंग देकर छोड़ देना था, साथ अपनी सेटिंग कर लेनी थी। इसलिए गांवों वालों अपने स्तर पर इसको सजा दी। इसकी चेतावनी दे कर छोड़ा कि आगे इस गांव में नजर नहीं आना चाहिए।


