पंजाब के CIA-साइबर थानों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरें:लॉरेंस इंटरव्यू के बाद बनाई स्ट्रेटजी, जून में पूरा होगा प्रोजेक्ट, 28 को कंपनियों से मीटिंग

पंजाब पुलिस के सीआईए कार्यालयों और साइबर थानों पर अब अफसरों की नजर रहेगी। इसके लिए थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की रणनीति बनाई गई है। यह फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि कुछ समय पहले सीआईए खरड़ में पुलिस कस्टडी से गैंगस्टर लॉरेंस का टीवी इंटरव्यू हुआ था। कैमरों की खास बात यह है कि ये आईपी-बेस्ड होंगे। मोबाइल, लैपटॉप या कंट्रोल रूम से कहीं से भी लाइव व्यू और प्लेबैक देखा जा सकेगा। वहीं, यह वीडियो को डिजिटल डेटा में बदलने में भी सक्षम होंगे। जून महीने तक यह प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा। 42 थानों का किया गया चयन पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने पूरी प्लानिंग के साथ यह प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत सभी जिलों में स्थित 28 साइबर क्राइम पुलिस थानों, 15 पुलिस चौकियों, 3 नए पुलिस थानों और 6 सीआईए कार्यालयों को शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट को इस तरह तैयार किया गया है कि कैमरे कभी बंद न हों। अधिकारियों के मुताबिक, एक प्राइवेट कंपनी को कैमरे लगाने करने से लेकर उनकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। क्योंकि पहले कई जगह कैमरे लगाए तो गए, लेकिन उचित देखरेख न होने के कारण वे खराब हो जाते थे। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि इन कैमरों के लगने से पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। लगाने वाली कंपनी करेगी देखभाल पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट काफी अहम है। सीनियर अधिकारियों से मंजूरी मिल चुकी है। बुधवार को प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाने वाली कंपनियों के साथ बैठक रखी गई। जो कंपनी फाइनल की जाएगी। उसे चार महीने में प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। फरवरी के 15 से 20 दिन कंपनियों को प्रोजेक्ट से जुड़ने का समय दिया जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। स्टेट साइबर सेल को नई इमारत पंजाब को साइबर अटैक से बचाने के लिए अब सरकार नई रणनीति के तहत जुटी है। इसके तहत स्टेट साइबर क्राइम की नई इमारत तैयार की जा रही है। इसमें मॉडर्न सुविधाएं, लैब, मॉनिटरिंग सेल और कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएं होंगी। यह इमारत मुलाजिमों की फिटनेस से जुड़ी सभी सुविधाओं से लैस होगी। करीब 18 महीने के समय में यह इमारत बनकर तैयार हो जाएगी। इमारत का काम शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट में पुलिस नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रही है।

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