पंजाब को बटर चिकन और भांगड़ा से आगे जानिए…:हर्षित नारंग की पुस्तक- रियासत, लोककथाएं और भूले-बिसरे नायकों का अद्भुत संगम

एक ऐसे समय में जब इतिहास को अक्सर एक जैसी कहानियों में बांध दिया जाता है, हर्षित नारंग की किताब Of Pegs, Palaces and the People एक जरूरी और समयानुकूल प्रयास है। यह संग्रह पंजाब के अतीत की परतों को खोलता है — रियासत और सत्ता, बगावत, लोककथाओं और भूले-बिसरे नायकों की कहानियों के रूप में। गहन शोध और मौखिक कहानी कहने की आत्मीयता को मिलाकर, नारंग ने ऐसे किरदारों और घटनाओं को जीवंत कर दिया है जो कभी मशहूर थे और अब धुंधले पड़ गए हैं—जैसे बाग़ी लोकनायक दुल्ला भट्टी, रहस्यमयी महारानी प्रेम कौर (कपूरथला) और मशहूर पटियाला पैग। हर अध्याय अपने आप में एक पूरी कहानी है, जिससे विषयों की विविधता दिखती है। लाहौर के खोए हुए खज़ाने से लेकर बंद हो चुकी पटियाला स्टेट मोनोरेल तक, यह किताब पाठकों को समय की एक चुनिंदा यात्रा कराती है। ख़ास बात यह है कि नारंग हर घटना के भावनात्मक और सांस्कृतिक रंगों को पकड़ लेते हैं। शीश महल पर पढ़ते समय ऐसा लगता है मानो आप उसमें टहल रहे हों। ये वे कहानियां हैं जिन्हें ज़्यादा दोहराया नहीं गया है — जो शायद आपने पहले न सुनी हों। यही इन्हें और भी रोचक बनाता है। लेखन साफ, जीवंत और पंजाब की मिट्टी में गहराई से जुड़ा हुआ है। इतिहास यहां नीरस पाठ्यपुस्तक जैसा नहीं लगता, बल्कि जीता जागता प्रतीत होता है और दिल को छू भी जाता है। हां, किताब पूरी तरह बेमिसाल भी नहीं है। कुछ अध्यायों के बीच बदलाव अचानक लगते हैं, जिससे पाठक समय-क्रम में थोड़े उलझ सकते हैं। अगर एक टाइमलाइन या छोटा-सा परिचयात्मक हिस्सा होता तो यह अंतर और सहज हो जाता। इसी तरह, पंजाबी शब्दों और ऐतिहासिक संदर्भों का एक शब्दकोश होता तो गैर-पंजाबी पाठकों की यात्रा और आसान हो जाती। फिर भी, ये छोटी कमियां हैं। असल में, यह किताब डूबकर पढ़ने का एक अर्थपूर्ण अनुभव देती है। नारंग का यह प्रयास उन कहानियों को वापस लाने जैसा है, जिन्होंने सिर्फ़ पंजाब को ही नहीं, बल्कि वहां के लोगों की पहचान और गर्व को आकार दिया। यह किताब किनके लिए है?
1. इतिहास और लोककथा प्रेमियों के लिए
2. सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए, जो सांस्कृतिक उदाहरणों की तलाश में हैं
3. पंजाबी पाठकों के लिए — ख़ासकर प्रवासी लोग, जो अपनी जड़ों से जुड़ना चाहते हैं अंतिम राय
हर्षित नारंग की Of Pegs, Palaces and the People एक टाइम कैप्सूल है — जिसमें नॉस्टैल्जिया, ऐतिहासिक गहराई और कहानी कहने की खूबसूरती समाई है। यह वह किताब है जिसे आप अपने माता-पिता को तोहफ़े में दें या अपनी अगली पीढ़ी को विरासत स्वरुप सौंपें। अगर आप पंजाब को सिर्फ़ बटर चिकन और भांगड़ा से आगे जानना चाहते हैं — तो यह किताब आपका नक्शा है।

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