पंजाब के लुधियाना में ऑरिसन अस्पताल की मॉर्चरी में शव बदले 17 दिन बीत गए पर परिवार को अभी तक जसबीर कौर का अस्थि कलश भी नसीब नहीं हुआ। परिवार ने श्री अखंड साहिब का पाठ कर उनकी अंतिम अरदास कर दी लेकिन उनके अस्थि कलश का अब भी इंतजार है। परिवार को मलाल है कि न तो वो अंतिम संस्कार कर पाए और न ही अभी तक वो अस्थियों को अंतिम रस्मों के हिसाब से श्री कीरतपुर साहिब में प्रवाहित कर सके। पुलिस ने उनकी अस्थियों को केस प्रॉपर्टी बनाकर रख दिया। यही नहीं पुलिस ने अस्थियां देने से पहले DNA टेस्ट की बात कही थी लेकिन अभी तक उसकी प्रक्रिया भी शुरू नहीं करवाई। परिवार ने सवाल उठाए कि अगर अस्थि कलश केस प्रॉपर्टी है तो जिन लोगों को दोबारा सही लाश दी गई, उसे केस प्रॉपर्टी क्यों नहीं बनाया गया। हालांकि परिवार का मुख्य फोकस अब आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर है। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल के चार प्रबंधकों पर पर्चा दर्ज कर दिया है पर अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ डीसी ने भी इसकी जांच शुरू करवा दी है और परिवार ने एडीसी जनरल के पास अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं। जांच न होने, अस्थि कलश केस प्रॉपर्टी बनाने पर पति की अहम बातें… लाश बदलने से जुड़ा पूरा मामला क्या है… पुलिस बोली, पर्चा दर्ज कर दिया है डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया कर रहे हैं
एडीसीपी-3 कंवलप्रीत सिंह का कहना है कि पुलिस ने परिवार की शिकायत पर डॉक्टरों के खिलाफ पर्चा दर्ज कर दिया है। अस्थियों का डीएनए टेस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही उन पर पर्चा दर्ज किया गया है। जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।


