पंजाब में तैनात करौली की ग्राम पंचायत पितरामपुरा के भोलूपुरा गांव निवासी सैनिक बिरम गुर्जर का शुक्रवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और दिल्ली के सैन्य अस्पताल में भर्ती थे, जहां ऑपरेशन के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। शनिवार को सैनिक बिरम गुर्जर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भोलूपुरा पहुंचा। इस दौरान पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘शहीद अमर रहे’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। वजीरपुर से भोलूपुरा गांव तक लगभग सात किलोमीटर लंबी पार्थिव देह यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और युवा शामिल हुए। पार्थिव देह पर क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा सहित सेना के अधिकारियों और जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित किए। इसके बाद सेना के जवानों ने सैनिक को अंतिम सलामी दी। सैन्य परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज सैनिक बिरम गुर्जर के पिता समय सिंह गुर्जर को सौंपा गया। इसके पश्चात गांव स्थित पैतृक खेत में पूरे सैन्य सम्मान के साथ सैनिक बिरम गुर्जर का अंतिम संस्कार किया गया। उनके सात वर्षीय पुत्र ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। विधायक हंसराज मीणा ने बताया कि बिरम गुर्जर की तबीयत पंजाब में ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी। उन्हें पहले सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में दिल्ली रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। सैनिक के निधन से गांव और पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।


