चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी और शहर के 11 कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव 3 सितंबर को होंगे। इसके लिए आज नामांकन दाखिल किया जाएगा। पंजाब यूनिवर्सिटी में चुनाव को लेकर माहौल गर्म है। अंबेडकर स्टूडेंट फोरम (ASF) ने अध्यक्ष पद के लिए नवप्रीत कौर को उम्मीदवार बनाया है। वह फाइव ईयर ला विभाग से बी.कॉम-एल.एल.बी. कर रही हैं। नवप्रीत ने कहा कि वह बाबासाहेब अंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले और पेरियार के विचारों की अनुयायी हैं और उनका संगठन इन्हीं सिद्धांतों से प्रेरित है। संगठन अध्यक्ष गुरदीप सिंह ने छात्रों से कहा कि उनका संघर्ष हमेशा पिछड़े वर्ग के अधिकारों और छात्र कल्याण योजनाओं के लिए रहा है। चाहे वह विशेष अनुदान वाले छात्रावास हों या पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप, इसके लिए उन्हें लंबे समय तक लड़ना पड़ा है। पुसू से सिद्धार्थ बूरा का नाम आया सामने
इसी बीच यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यू.आई.ई.टी.) विभाग से सिद्धार्थ बूरा को प्रबल दावेदार घोषित किया गया है। हालांकि वह किस पद पर चुनाव लड़ेंगे, इसकी घोषणा नामांकन के बाद होगी। पुसू के बबल चौधरी ने बताया कि सिद्धार्थ बूरा छात्र कल्याण और एक्टिविजम के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कुछ समय पहले लगातार छह दिन तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर छात्रों की आवाज बुलंद की थी। मनकीरत को उतारा मैदान में
आम आदमी पार्टी से जुड़े छात्र संगठन एसैप ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। एसैप ने यू.आई.ई.टी. विभाग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पी.एच.डी. स्कॉलर मनकीरत सिंह मान को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है। संगठन की ओर से कहा गया कि मनकीरत सिंह अपने साथ मजबूत शैक्षणिक योग्यता, पारदर्शी छात्र नेतृत्व का विजन और असली छात्र मुद्दों को हल करने का संकल्प लेकर आए हैं। इसके अलावा महासचिव पद के लिए यू.आई.एल.एस. विभाग की कोमलप्रीत कौर को उम्मीदवार घोषित किया गया है। कोमलप्रीत छात्र कल्याण गतिविधियों और छात्र सशक्तिकरण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जानी जाती हैं। एसैप चुनाव प्रभारी दीपक बंसल ने कहा कि उनके उम्मीदवार स्वच्छ राजनीति, शैक्षणिक उत्कृष्टता और यूनिवर्सिटी के विकास को प्राथमिकता देंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष हरिंदर सिंह जॉनी और अन्य पदाधिकारियों ने भी संगठन की विचारधारा पर जोर दिया। मंगलवार से बिना स्टिकर वाहन की एंट्री नहीं
DSW प्रोफेसर अमित चौहान ने दी। मंगलवार से बिना स्टिकर वाले वाहनों की एंट्री नहीं होगी। कैंपस में कार रैली पूरी तरह से बैन कर दी गई है। पांच से ज्यादा लोगों के जुटने के लिए परमिशन लेनी होगी। दो सितंबर तक दाखिला लेने वाले मतदान कर पाएंगे। इस दौरान पीयू के 16,000 और 11 कॉलेजों के 55,000 से अधिक स्टूडेंट्स मतदान करेंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आचार संहिता (Code of Conduct) भी लागू कर दिया है। अब कैंपस में किसी को भी किसी प्रकार का प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


