पंजाब रोडवेज की 191 बसों में से 21 के सहारे 40 हजार यात्री

भास्कर न्यूज | अमृतसर अंतरराज्यीय शहीद मदन लाल ढींगरा बस स्टैंड से सफर करने वाले यात्रियों को पंजाब रोडवेज की 21 बसों के सहारे ही 3 दिन तक सफर करना पड़ेगा, क्योंकि पनबस-पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन मांगों को लेकर 6 से 8 जनवरी तक बसों का चक्का जाम करेगी। 191 में से 21 बसें चलने से बस स्टैंड से रोजाना सफर करने वाले 40 हजार यात्रियों को 3 दिन तक परेशानी उठानी पड़ेगी। दूसरी तरफ विभाग को भी 3 दिन में 1 करोड़ 20 लाख के रेवेन्यू का नुकसान झेलना पड़ सकता है। 171 बसों के सड़कों न दौड़ने से दूसरे जिलों व कस्बों में काम करने यात्रियों को पहले से बंदोबस्त करना सही रहेगा। अमृतसर डिपो-1 में टोटल 96 बसें है। जिसमें 9 ड्राइवर और 23 परिचालक पक्के है। ऐसे में विभाग 9 ड्राइवरों के सहारे ही यात्रियों को सुविधा देगा। दूसरी तरफ अमृतसर डिपो-2 में टोटल 95 बसें है। जिसमें से विभाग 13 बसें चला सकता है। लेकिन डिपो-2 में 12 ड्राइवर और 20 परिचालक पक्के हैं। ऐसे में देखा जाए तो विभाग दोनों डिपो को मिलाकर 191 बसों में से 21 बसों के सहारे 3 दिन निकालने वाला है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। पनबस-पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन पंजाब भर के 27 सरकारी बस डिपुओं पर धरना-प्रदर्शन करेगी। वहीं, हालांकि धरना-प्रदर्शन होने के कारण यूनियन की ओर से भी डिपो से बसें निकालना मुश्किल होगा। डिपो-1 में रोजाना 15 लाख तो डिपो 2 में 25 लाख का रेवेन्यू जनरेट होता है। इस हिसाब से 3 दिन में 1 करोड़ 20 लाख का रेवेन्यू का नुकसान होगा। डिपो-1 से चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए रोजाना 55 बसें चलती है और डिपो 2 से 50 के करीब बसें चलती है। जो चंडीगढ़ के लिए रोजाना एक फेरा लगाती है जबकि दिल्ली गई बस अगले दिन वापस आएगी। डिपो-1 और 2 से मजीठा, फतेहगढ़-चूड़ियां, खेमकरण, अजनाला, डोरा बाबा नानक, रमदास, लोपोके चौगांवा संगतपुरा, अटारी, जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर आदि के 2-2 फेरे लगते हैं। विभाग हड़ताल रहने से 10 प्रतिशत बसों को ही चला पाएगा। यात्रियों को निजी बसों के सहारे ही गंतव्य पर पहुंचना होगा। चंडीगढ़-दिल्ली जाने वाले यात्रियों को परेशानी आ सकती है।

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