पट्टी | पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारी सरकार की अनदेखी से नाराज हैं। यूनियन ने कहा कि संकट की हर घड़ी में ये कर्मचारी फ्रंटलाइन पर ड्यूटी करते हैं, फिर भी सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है। यूनियन के सूबा मीत प्रधान सतनाम सिंह ढिल्लों और प्रधान रेशम सिंह ने बताया कि दंगे, बाढ़, कोरोना या अब युद्ध जैसे हालात में भी ये कर्मचारी बिना जान की परवाह किए सेवा देते हैं। फिर भी सरकार ने कोरोना के समय एंबुलेंस चलाने वाले साथी की मौत पर कोई सहायता नहीं दी। सचिव गुरबिंदर सिंह गिल ने बताया कि 1 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री ने मीटिंग कर वादा किया था कि 1 महीने में ट्रांसपोर्ट विभाग की अलग नीति बनाई जाएगी। लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला। उल्टा ठेकेदारों ने ईपीएफ, ईएसआई और ग्रुप इंश्योरेंस जैसे लाभ देने की बजाय 11-12 करोड़ की लूट की है। विभाग के अधिकारी सरकारी बसों की जगह किलोमीटर स्कीम के तहत प्राइवेट बसें चलवाकर करोड़ों की लूट करवा रहे हैं।


