छत्तीसगढ़ में पंजीयन विभाग में 10 नए सुधारों को लेकर बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कार्यशाला में बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर ये सुधार लागू किए गए हैं। नए सुधारों के तहत अब रजिस्ट्री होते ही स्वतः नामांतरण हो जाएगा। पहले इसके लिए तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। रजिस्ट्री में गवाहों की जरूरत भी समाप्त कर दी गई है। अब आधार से सत्यापन होगा। कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि ये सुधार जिले के तीन तहसीलों में शुरू हो गए हैं। भूमि की खरीद-बिक्री में सहूलियत होगी। नामांतरण के साथ बी-1 खसरा भी अपडेट हो जाएगा। किसी भी संपत्ति की जानकारी दस्तावेज ऐप से डाउनलोड की जा सकेगी। समय और धन की होगी बचत – मंत्री राजस्व मंत्री ने कहा कि नए सुधारों से किसानों और भूमि स्वामियों के समय और धन की बचत होगी। यह फर्जी रजिस्ट्री और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगा। राजस्व अभिलेख में त्रुटि सुधार का अधिकार अब तहसीलदार को दिया गया है। जियो रेफरेंसिंग से सीमांकन का काम भी बिना विवाद के होगा। 10 नये सुधारों में ये शामिल बताया गया कि 10 नये सुधारों में फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन, रजिस्ट्री खोज एवं सत्यापन, ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र, स्टाम्प एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान, व्हाट्सप्प सेवाएं, डीजी लॉकर सेवाएं,रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः निर्माण, घर बैठे स्टाम्प सहित दस्तावेज निर्माण, घर बैठे रजिस्ट्री एवं रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण शामिल हैं।


