राज्य सरकार द्वारा ऋण दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत किया है। इससे घर, प्लॉट या व्यवसाय के लिए लोन लेने वालों पर शुरुआती वित्तीय बोझ घटेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे वैध पंजीयन बढ़ेंगे, संपत्ति बाजार में गतिविधि तेज होगी और निवेश का माहौल मजबूत होगा। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में अब ऑॅनलाइन ई-पंजीयन व्यवस्था लागू की जाएगी। जिससे पक्षकारों का ऑनलाइन सत्यापन, समय स्लॉट बुकिंग, दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीयन और डिजिटल प्रमाणित प्रतियां घर बैठे उपलब्ध हो सकेंगी। इस व्यवस्था से दलाल प्रथा पर रोक लगेगी, समय की बचत होगी और निवेश वातावरण मजबूत होगा। ई-स्टाम्प और पंजीयन सुविधा को प्रभावी बनाते हुए अब 106 पूर्णकालिक उप-पंजीयक कार्यालयों को मॉडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। ऐसे समझें आमजन का फायदा
जयपुर में कोई व्यक्ति 40 लाख रुपए का होम लोन लेता है तो पहले उसे पंजीयन शुल्क के रूप में 40 हजार रुपए देने पड़ते थे, जो अब घटकर 20 हजार रह जाएंगे। इसी तरह 2 करोड़ रुपए का व्यवसायिक ऋण लेने पर पहले 2 लाख रुपए शुल्क लगता था, जो अब 1 लाख रुपए होगा। इस बचत राशि को लोग निर्माण, मशीनरी या अन्य जरूरतों में लगा सकेंगे। शुरुआती खर्च घटने से लोन लेने में आसानी होगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया वैध तरीके से कराने की प्रवृत्ति बढ़ेगी


