झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को पंडरा बाजार समिति के टर्मिनल मार्केट यार्ड में चुनावी कार्य संपन्न कराने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद बाजार समिति के टर्मिनल यार्ड में चुनाव से संबंधित कार्य करने पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि भविष्य में मार्केट यार्ड का उपयोग किसी भी प्रकार की चुनाव संबंधित गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा। अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) ने जनहित याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक कहा कि राज्य सरकार ने न्यायालय की उदारता को हल्के में लिया है। बार-बार आदेश देने के बावजूद बाजार समिति के टर्मिनल यार्ड का उपयोग चुनाव कार्य के लिए जारी रखा गया। आदेश का पालन नहीं होना अवमानना का मामला बनता है। ऐसे में अवमानना की कार्रवाई भी हो सकती थी। लेकिन यह राष्ट्रीय महत्व से जुड़ा है, इसलिए अवमानना की कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दाखिल किए गए शपथ पत्र में कहा गया है कि उसने कुछ अन्य संस्थानों की पहचान कर ली है, जहां चुनाव से संबंधित कार्य कराए जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रयास सिर्फ एक बहाना है। इसलिए इस मामले में कड़ा रुख अपनाया जाना आवश्यक है। अदालत ने कहा कि कनीय अधिकारी केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन करने में रुचि रखते हैं। उन्हें न्यायालय के आदेशों का पालन करने में रूचि नहीं है। हाईकोर्ट के इस आदेश से पंडरा बाजार समिति के 800 से अधिक व्यापारी करोड़ों के नुकसान से बचेंगे। निकाय चुनाव की काउंटिंग नई जगह पर करानी होगी, नगड़ी में ईवीएम के लिए रूम तैयार हाईकोर्ट के आदेश का असर नगर निकाय चुनाव पर दिखेगा। निकाय चुनाव के लिए नई जगह की तलाश करनी होगी। क्योंकि, नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर से होना है। ऐसे में चुनाव में सैकड़ों बड़े बॉक्स लगेंगे। इसे रखना प्रशासन के लिए चुनौती होगी। नगड़ी में ईवीएम रखने के लिए रूम बनाए गए हैं। लेकिन वहां मतगणना नहीं होगी। ऐसे में नया स्थल बनाना होगा। अब चुनाव से जुड़े कार्य नए स्थल पर ही कराने होंगे हाईकोर्ट ने चैंबर ऑफ कॉमर्स की याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह व्यापार जगत की जीत है। चुनाव के दौरान उत्पीड़न का सामना करने वाले व्यापारियों के लिए यह राहत भरा आदेश है। इस आदेश से पंडरा बाजार समिति में व्यापार अनुकूल वातावरण बनेगा। व्यापारियों को करोड़ों रुपए का नुकसान होता था, वह बचेंगे।पंडरा बाजार समिति में चुनावी कार्य होने से बाजार समिति का कारोबार पूरी तरह ठप हो जाता है। क्योंकि, ईवीएम जमा करने से लेकर काउंटिंग तक काफी गहमा-गहमी रहती है। ट्रैफिक भी ब्लॉक कर दिया जाता है। ऐसे में बाजार समिति में कारोबार बंद रहता है। रांची चैंबर के अध्यक्ष संजय माहुरी ने बताया कि बाजार समिति में करीब 800 दुकानदार है। रोजाना लगभग दस करोड़ रुपए का कारोबार होता है। अगर तीन- चार दिन बाजार समिति में कारोबार बंद हो गया तो लगभग 40 से 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित होता है।


