झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को जिला स्कूल में दुर्गा पूजा पंडाल बनाने की अनुमति देने के मामले में स्वत:संज्ञान से दर्ज मामले की सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने पूजा के दौरान शहर की साफ-सफाई दुरूस्त रखने और ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने का निर्देश दिया। अदालत ने मौखिक कहा कि ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और नगर निगम आपस में बैठक करके ठोस निर्णय लें। अदालत ने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजाया जाए। निर्धारित मानक और गाइडलाइन का पालन करें। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की गई, अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित की है। मालूम हो कि किसी ने पिछले दिनों हाई कोर्ट को एक पत्र लिखा गया था। इसमें जिला स्कूल में दुर्गा पूजा करने पर कई परेशानी का जिक्र किया गया था। अदालत ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार से पूछा था कि व्यस्त जगह पर दुर्गापूजा पंडाल बनाने की अनुमति कैसे दी गई। बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे तो वाहनों की पार्किंग कहां होगी। पूजा पंडाल के निर्माण से स्कूल में पढ़ाई प्रभावित होगी या नहीं।


