भास्कर न्यूज | पटना कोरिया जिले के पटना के समीप ग्राम छिंदिया में गुरुवार को आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में पटना को ब्लाक मुख्यालय बनाए जाने की मांग की गई। इस अवसर पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष ईश्वर दयाल सिंह, जनपद पंचायत बैकुंठपुर के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल, पूर्व सरपंच राकेश प्रताप सिंह सहित अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे। सौंपे गए मांग पत्र में बताया गया कि बैकुंठपुर ब्लाक में कुल 120 ग्राम पंचायतें हैं। लंबे समय से इस ब्लाक को दो हिस्सों में विभाजित कर नया ब्लाक मुख्यालय बनाने की मांग की जा रही है। पटना चौरासी क्षेत्र की आबादी घनी है, जबकि ब्लाक मुख्यालय की दूरी यहां से लगभग 25 किलोमीटर है। इस दूरी के कारण ग्रामवासियों को आने-जाने में कठिनाई होती है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि पटना ग्राम पंचायत में पहले से ही पुलिस थाना, रेलवे स्टेशन, डाकघर, विद्युत उपकेंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय, महाविद्यालय, भारतीय स्टेट बैंक और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं। साथ ही पटना एनएच 43 राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है, जिससे यह यातायात की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान बनता है। ग्रामवासियों का कहना है कि यदि पटना को ब्लाक मुख्यालय का दर्जा दिया जाता है, तो न केवल यहां के निवासियों को बल्कि बैकुंठपुर ब्लाक के अन्य गांवों के लोगों को भी बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की है। अधिकारियों को मांग पत्र सौंपते हुए।


