नगर परिषद राजनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन वर्षों बाद पुनः शुरू कर दिया गया है। शासन द्वारा करोड़ों की लागत से निर्मित इस भवन में लंबे समय तक डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाने के कारण यह बंद पड़ा था, जिससे स्थानीय जनता स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रही। पार्षद विकास प्रताप सिंह उर्फ विक्की की जनहित याचिका और लगातार प्रयासों के चलते अब न्यायालय के आदेश पर इस अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाएं शुरू हो गई हैं। पार्षद ने कई बार शासन-प्रशासन से मांग की, लेकिन समाधान न मिलने पर उन्होंने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन को सात दिनों के भीतर डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया। साथ ही, स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाली सड़क निर्माण की भी बात कही गई। 30 जुलाई को न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यदि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं हुईं, तो मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा। इसके बाद 31 जुलाई को सीएमएचओ डॉ. आर.के. वर्मा के निर्देश पर डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट की नियुक्ति की गई और आवश्यक मेडिकल उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। स्वास्थ्य केंद्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।


