तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब के पंज प्यारों द्वारा दिए गए आदेश के मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। पटना साहिब की ओर से दो तख्तों के सिंह साहिबानों को तनख्वाह करार घोषित किया गया था, जिसके बाद यह टकराव बढ़ा। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा गठित इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, सदस्य भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल और गुरबचन सिंह करमूंवाला शामिल हैं। जसविंदर सिंह जस्सी को इस प्रतिनिधिमंडल का समन्वयक नियुक्त किया गया है। पटना साहिब जाएंगे
शिरोमणि कमेटी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण के ओएसडी सतबीर सिंह ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल जल्द ही तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब जाकर वहां की प्रबंधक कमेटी और पंज प्यारे साहिबान से बातचीत करेगा। इससे पहले श्री अकाल तख्त साहिब के साथ ही तख्त श्री दमदमा साहिब और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के पांच प्यारों ने तख्त श्री पटना साहिब के फैसले का विरोध करते हुए इसे सिख कौम की एकता को कमजोर करने वाला और सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। वीरवार को तख्त श्री केसगढ़ साहिब के पांच प्यारे साहिबान ने नया हुक्मनामा जारी किया। पांच प्यारे साहिबान भाई करमजीत सिंह, भाई मुखत्यार सिंह, भाई गुरमीत सिंह, भाई सरबजीत सिंह और भाई सोहनजीत सिंह के जारी हुकमनामे में कहा गया कि मीरी पीरी के मालिक श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित श्री अकाल तख्त साहिब ही पांच तख्त साहिबान में सर्वोच्च है।


