अलवर के एक पटवारी के निलंबन आदेश पर कोर्ट स्टे के बावजूद बहाल नहीं करने पर पटवार संघ ने पेन डाउन हड़ताल की। मिनी सचिवालय में धरने पर बैठ गए। अलवर पटवार संघ ने मांग की है कि कोर्ट के स्टे होने के बावजूद पटवारी करण सिंह को बहाल नहीं किया गया। अलवर कलेक्टर ने 24 दिसंबर को पटवारी करण सिंह को सस्पेंड कर दिया था। अलवर पटवार संघ ने शुक्रवार को आदेश के विरोध में हड़ताल रखी। वहीं संघ ने चेताया कि 2 फरवरी तक पटवारी को बहाल नहीं किया तो पूरे जिले के पटवारी अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे। 17 दिन पहले दिया था कोर्ट ने स्टे, अब तक नहीं किया बहाल
पटवारियों ने बताया- 17 दिन पहले कोर्ट के स्टे का आदेश कलेक्टर को दे दिया गया था। इसके अलावा तहसीलदार और उपखंड अधिकारी को भी कोर्ट का आदेश सौंपा गया। इसके बावजूद आज तक पटवारी को न तो बहाल किया गया और न ही किसी जगह ड्यूटी पर लगाया गया है। इस दौरान कई बार अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में पटवारियों ने पेन डाउन हड़ताल शुरू की। पटवार संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 2 फरवरी से पहले पटवारी की बहाली नहीं की गई तो जिले में पटवारी कामकाज का बहिष्कार करेंगे। पटवारी को दिसंबर 2025 में किया था निलंबित
पटवारी करण सिंह पर वर्ष 2024 में देव खेड़ा इलाके में तैनाती के दौरान विरासत की जमीन का इंतकाल चढ़ाने का आरोप है। पिता की मौत के बाद जमीन का इंतकाल बेटों के नाम किया गया था। मामले में एडीएम की रिपोर्ट के आधार पर अलवर कलेक्टर ने 24 दिसंबर 2025 को पटवारी करण सिंह को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पटवारी करण सिंह ने कोर्ट का रुख किया और निलंबन आदेश पर स्टे ले आए। कोर्ट से स्टे मिलने के बाद 13 जनवरी 2026 को उन्होंने कलेक्टर, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी को कोर्ट का आदेश सौंपकर बहाली की मांग की, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं किया गया है। इसी बात को लेकर पटवारियों में भारी नाराजगी है।


