परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले में करोड़ों रुपए की नकदी, सोना, चांदी और संपत्तियों के दस्तावेज सामने आए हैं। भोपाल से लेकर दिल्ली तक इस मामले में सरकार पर कांग्रेस हमलावर है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दावा किया है कि छापेमारी के दौरान लोकायुक्त को एक लाल डायरी मिली है। उस डायरी में कोडवर्ड में रसूखदारों के नाम लिखे गए हैं। डायरी में पैसों का हिसाब, जानकारी सामने आना चाहिए पटवारी ने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान कहा, “सवाल यह है कि एक कांस्टेबल के पास इतना पैसा कैसे आया? कांस्टेबल के पास एक डायरी थी, जिसमें नाम के पहले अक्षर के जरिए लोगों के नाम लिखे गए हैं कि यह पैसा कहां-कहां गया। वह डायरी लोकायुक्त के पास है। अब सवाल उठता है कि लोकायुक्त उस डायरी को बदलेंगे या रखेंगे? मैं लोकायुक्त से आग्रह करता हूं कि ये सारी बातें सार्वजनिक होना चाहिए। देश और प्रदेश को पता चलना चाहिए। ये जो भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने वाले लोग हैं भाजपा और मोदी जी से आग्रह है कि उस डायरी का पब्लिक डोमेन में सत्यापन हो। दो हजार करोड़ रुपए का हिसाब किताब उस डायरी में हैं वो पैसा किस-किसके पास गया तो ये सब पब्लिक डोमेन में आना चाहिए। ये चोर जो पब्लिक के पैसे खा रहे थे। सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। ये वही लोग हैं, जिनके डायरी में नाम हैं।अगर डायरी का सत्यापन नहीं होगा तो सौरभ शर्मा की जान को खतरा बना रहेगा। ये मोदी जी का नया भारत पटवारी ने कहा, “मध्य प्रदेश में नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ का एक उदाहरण देखने को मिला है। लोकायुक्त टीम ने एक मकान पर छापा मारा तो 7-8 करोड़ रुपए बरामद हुए। फिर आईटी ने उसी से संबंधित दूसरी रेड डाली, जिसमें 50-60 किलो सोना और करीब 60-70 करोड़ रुपए का माल बरामद किया। इसके बाद ईडी ने छापा मारा और 34 करोड़ रुपए के दस्तावेज निकाले। एक ही जगह से देश और प्रदेश की तीन एजेंसियों ने अलग-अलग आंकड़ों से करीब 100 करोड़ रुपए निकाले। ये है नरेन्द्र मोदी का नया भारत है। पटवारी बोले- बंद चौकियों पर हो रही उगाही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा परिवहन चौकियों को बंद करने के बयान पर पटवारी ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री जी को चुनौती देता हूं। वो औचक निरीक्षण करें। हालांकि, आप जा नहीं पाएंगे क्योंकि आप प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। मैं विपक्ष में हूं और फ्री हूं। आप मुझे एक चौकी बता दीजिए, जहां उगाही न हो रही हो।” केके मिश्रा की मांग- ईडी अब लोकायुक्त की जांच करे इधर, कांग्रेस मीडिया विभाग के पूर्व अध्यक्ष केके मिश्रा ने सौरभ शर्मा मामले में लोकायुक्त द्वारा की गई जांच की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की है। मिश्रा ने ट्वीट कर कहा,
“दलगत राजनीति से परे, मप्र में एक सामान्य नागरिक के रूप में जब हम भोपाल में परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा के यहां लोकायुक्त पुलिस की छापेमारी का अध्ययन करते हैं, तो यह कार्यवाही त्रुटिपूर्ण और संदेहास्पद लगती है। इन आशंकाओं के बीच इस मसले की दो अन्य जांच एजेंसियों में शामिल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग दोनों ही से मेरा सादर आग्रह है कि वे इस जांच की विस्तृत परिधि में लोकायुक्त पुलिस के द्वारा की गई समुचित जांच को भी शामिल करें ताकि जिन एजेंसियों का निर्माण देश /प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के ख़िलाफ़ लगाम कसने के लिए किया गया है, वे अपनी विश्वसनीयता के समक्ष प्रश्न चिन्ह उपस्थित न होने दें। बीजेपी विधायक बोले- डायरियां रखने का काम कांग्रेस की सरकार में शुरू हुआ जीतू पटवारी के बयान पर बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा- मुझे लगता है इस गंभीर विषय पर लाल डायरी और इस तरह की बात करने का औचित्य नहीं है। अगर कुछ गलत है तो वो गलत सबको दिखता है और सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करती है। इसकाे डायवर्ट करने के लिए कांग्रेस केवल अपना हेतु सिद्ध करने का काम करती है। कांग्रेस ये बताए कि ये सारे तौर तरीके किसकी सरकार में कब-कब किसने सिखाए हैं। ये डायरियां रखने का काम कांग्रेस ने अपने समय से ही शुरू किया है, उसी तरह से चल रहा होगा। मोहन यादव की सरकार में अपराधियों का स्थान केवल जेल में हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। ये खबर भी पढ़ें… जीतू पटवारी बोले- सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या:गिरफ्तारी हुई तो कई चेहरे होंगे बेनकाब; करोड़पति कॉन्स्टेबल के यहां हुई थी छापेमारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि वह जब भी सामने आएगा, कई लोगों के चेहरे बेनकाब होंगे। इसलिए सरकार को चाहिए कि उसकी गिरफ्तारी कर उसे सुरक्षा दे और भ्रष्टाचार का सच सामने लाए। सौरभ शर्मा के वकील भी उनके एनकाउंटर की आशंका जता चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें…


