कोटा राजस्थान पटवार संघ 13 जनवरी से लगातार सामूहिक कार्य बहिष्कार कर रहा है। पटवार संघ ने आक्रोश मे आकर जिला मुख्यालय पर रैली निकली। राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव के नाम अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। कानूनगो संघ ने भी समर्थन दिया पटवार संघ के जिला महामंत्री प्रफुल्ल गोयल ने बताया कि पटवारी सरकार से हुए पूर्व समझौतों और मांगों के निस्तारण को लेकर 13 जनवरी से लगातार कार्य बहिष्कार और उपखण्ड स्तरीय धरने पर हैं। एक सप्ताह बीत जाने पर भी सरकार द्वारा कोई सकारात्मक रवैया नही अपनाया गया। जिससे पटवार आंदोलन को मजबूत रूप देने के लिए प्रांतीय नेतृत्व ने समस्त जिला मुख्यालयों पर रैली और धरना देने का तय किया गया है। जिसमे राजस्थान कानूनगो संघ ने भी नैतिक समर्थन देते हुए रैली और धरना में शामिल होने का निर्णय लिया। कहा कि रैली के बाद भी कोई सकारात्मक वार्ता नहीं हुई तो इस आंदोलन के राजस्थान का प्रत्येक पटवारी प्रांतीय नेतृत्व के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राजधानी की सड़कों को जाम करने से भी नही चुकेंगे। धरना-प्रदर्शन और जमकर नारेबाजी की जिलाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने बताया कि कानूनगो संघ जिला कोटा के समस्त पटवारी और कानूनगो ने अंटाघर चौराहा ग्लोब सर्किल से एमबीएस हॉस्पिटल होते हुए रैली निकालते हुए पटवारी कानूनगो कलेक्ट्रेट पहुचे। जहां धरना प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ आक्रोश कर जमकर नारेबाजी की गई। संघ के जिला अध्यक्ष और जिला महामंत्री ने राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव के नाम अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा, आंदोलन के शुरू में पटवारी की 9 मांगे की थी। जिसमे अपनी ग्रेड पे 3600 करने की चर्चित और पुरानी मांग को शामिल कर ज्ञापन में 10 मांगो का निस्तारण सरकार से मांगा जा रहा है। पटवारियों ने रखी मांगें महामंत्री प्रफुल्ल गोयल ने बताया कि आज जिले के लगभग 250 से अधिक कानूनगो पटवारियों ने रैली निकली और वर्तमान में सरकार द्वारा ऑनलाइन गिरदावरी एप्प में किए गए विषम और गैर धरातलीय तकनीकी प्रावधानों के प्रति पटवारियों द्वारा काफी नाराजगी और असंतुष्टि जताई जा रही है। पटवारियों का कहना है कि जब प्रैक्टिकल रूप से सम्भव ही नही है तो सरकार के बैठे उच्चाधिकारी ऐसे नियम ही क्यों बना रहे हैं। पटवारी भी इंसान है कोई मशीन नहीं, सारे पटवारी एकजुट होकर एक स्वर में नजर आ रहे हैं। गिरदावरी ऐप में संशोधन सहित ग्रेड पे 3600 करने, रिव्यू DPC आयोजित करने, नायब तहसीलदार पद में पदोन्नति कोटा बढ़ाने, तहसील पद के प्रमोशन में मंत्रालयिक संवर्ग के कोटे का पुनर्निर्धारण करने, ऑनलाइन कार्यों के संचालन के लिए उच्च गुणवत्ता के लेपटॉप/टेबलेट, प्रिंटर, इंटरनेट सुविधा, फर्नीचर आदि देने,नवीन पटवार मंडल और भू-अभिलेख सर्किलों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने की मांगे की है।


