कांग्रेस नेता मंगलवार को फिर भागीरथपुरा के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्हें पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित आठ-दस वरिष्ठ लोगों को जाने दिया। नेता पीड़ितों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। नेताओं ने कहा कि मौतों के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। इस घटना ने इंदौर की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा इस पूरे मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सीएम व इंदौर के प्रभारी मंत्री डॉ. मोहन यादव जिम्मेदार हैं। एक पीड़ित परिवार ने कहा कमाने वाला एक ही था, वह भी चला गया। क्या इंसान की मौत की कीमत सिर्फ दो लाख रुपए है? कांग्रेस नेताओं ने कहा कम से कम एक करोड़ रुपए मिलना चाहिए। इस दौरान कांग्रेस प्रभारी उषा नायडू, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना सेतिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, विधायक सचिन यादव आदि मौजूद थे। 11 को इंदौर आ सकते हैं राहुल गांधी


