पटियाला में नाभा रियासत के पड़पोते की पगड़ी रस्म:124 साल बाद दोहराई पुरानी परंपरा, स्पीकर संधवा और हरियाणा सीएम भी पहुंचे

पटियाला में नाभा रियासत के महाराजा रिपुदमन सिंह के पड़पोते अभि उदय प्रताप सिंह की हीरा महल में पगड़ी रस्म निभाई। इस अवसर पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान भी उपस्थित थे। यह समारोह नाभा में आयोजित किया गया। अभि उदय प्रताप सिंह ने गुरु साहिब के चरणों में प्रार्थना की कि वे भी अपने पूर्वजों महाराजा नरिंदर सिंह और अन्य की तरह पंजाब के गुरु घरों की सेवा कर सकें। उन्होंने महाराजा रिपुदमन सिंह के योगदान का भी स्मरण किया, जिन्होंने काली पगड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था और सिख विवाह अधिनियम (सिख मैरिज एक्ट) को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 124 साल पुरानी पंरपरा इस समारोह ने 124 साल पुरानी परंपरा को फिर से जीवंत कर दिया। यह समारोह 2 फरवरी को आयोजित किया गया। बाबा राय सिंह जी ने बच्चे को पगड़ी बांधी और इस शुभ रस्म को पूरा किया। उन्होंने 31 जनवरी से शुरू होकर दो दिनों तक अखंड पाठ साहिब का भी आयोजन किया था। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, बाबा ब्यास जी, गुरविंदर जी, दादूवाल जी सहित कई संत-महंत और देश के विभिन्न हिस्सों से राजपरिवार तथा भक्तगण उपस्थित रहे। आयोजक ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया। आयोजक ने बताया कि यह आयोजन उनके दिल के करीब है, क्योंकि बच्चे ने स्वयं सिख बनने की इच्छा व्यक्त की थी। उनका उद्देश्य था कि बच्चा पगड़ी के महत्व और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को समझे। हीरा लाल जी ने 3 दिन तक सुनी थी पगड़ी उल्लेखनीय है कि 124 साल पहले हीरा सिंह जी ने नाभा किले में तीन दिनों तक पगड़ी सुनी थी और भाई नारायण सिंह जी ने चौक में पगड़ी बांधी थी। इतने वर्षों बाद, वही रस्म आज हीरा महल में दोहराई गई है, जिससे महल में फिर से खुशी और उल्लास का माहौल है। आयोजक ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आजकल कई सिख परिवार अपने बच्चों को पगड़ी नहीं बंधवाते, इसे केवल राजाओं-महाराजाओं का रिवाज मानते हैं। उन्होंने इस परंपरा को फिर से शुरू करने की वकालत की, क्योंकि पगड़ी को हमारी पहचान, शान और गौरव का प्रतीक माना जाता है। विधानसभा स्पीकर बोले- फिर शान से भरा नाभा रियासत का महल इस अवसर पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 124 साल बाद नाभा रियासत का महल फिर से शान से भर गया है, जैसा कि पुराने समय में राजाओं के महल हुआ करते थे। समारोह के दूसरे दिन, स्पीकर संधवान ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंजाब को इस बजट में वह सम्मान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। संधवा ने आरोप लगाया कि बजट बनाने वालों को देश से कोई प्यार नहीं है और न ही उन्होंने देश की आजादी के लिए कुछ किया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उनके पूर्वजों ने आजादी के लिए योगदान दिया होता, तो पंजाब, जिसने देश की स्वतंत्रता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं, उसके साथ ऐसा बुरा बर्ताव नहीं होता। उन्होंने प्रधानमंत्री से पंजाब के लिए एक विशेष पैकेज की मांग की। संधवा ने कहा कि पंजाब देश की ‘रोटी की टोकरी’ है और इसने ही देश को आजादी दिलाई। उन्होंने जोर दिया कि पंजाब के किसानों, व्यापारियों और गरीबों के लिए विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए।

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