भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग में पतियों को इंट्री नहीं देने और बैठक से बाहर जाने का कहने पर 3 महिला सदस्य उखड़ गईं। वे बीच बैठक से उठकर बाहर निकल गईं। इधर, बैठक में अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर और सीईओ इला तिवारी के सामने सदस्यों ने अफसरों को शिक्षा, सड़क, वन और बिजली के मुद्दे पर जमकर घेरा। कई बार तो नोंकझोंक की स्थिति तक बन गईं। इस पर सीईओ तिवारी ने मामले को संभाला। बैठक बरखेड़ीकलां स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में हुई। जिला पंचायत के मीटिंग हॉल का रिनोवेशन होने की वजह से बैठक यहां हुई। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की बैठक हुई और फिर साधारण सभा की मीटिंग आयोजित की गई। दोनों में ही प्रतिनिधि मान्य नहीं होंगे। बैठक के एजेंडे में यह स्पष्ट लिखा है। हालांकि, सदस्य प्रतिनिधि अनिल हाड़ा, सुरेश राजपूत और विनोद राजौरिया बैठक में शामिल हुए। बैठक की शुरुआत के कुछ समय बाद ही सीईओ तिवारी ने प्रतिनिधियों की एंट्री पर नाराजगी जताई। सीईओ का कहना था कि बैठक में प्रतिनिधियों की एंट्री को लेकर पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था। इसके कुछ देर तक तो प्रतिनिधि बैठे रहे, लेकिन फिर उठकर बाहर चले गए। उनके साथ सदस्य चंद्रेश राजपूत, बिजिया राजौरिया और देवकुंवर हाड़ा भी बाहर चली गईं। हालांकि, इसके बाद भी बैठक चलती रही और एजेंडे पर बात हुई। इनकी समीक्षा की गई
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। खितवास के स्कूल की प्रिंसिपल का मुद्दा उठाया, अफसरों ने कहा-रिपोर्ट के बाद कार्रवाई करेंगे
सदस्य विनय मेहर ने शिक्षा विभाग के विषय पर खितवास के हायर सेकंडरी स्कूल में प्रिंसिपल की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया। कहा कि स्कूल में साइकिल वितरण नहीं हो पाया है। सभी ग्रामीणों ने प्रिंसिपल की शिकायत की है। इस पर कहा गया कि इस मामले में कलेक्टर ने जांच दल बना दिया है। इसके बाद मेहर ने कहा, मंत्री विश्वास सारंग ने ओपन जिम लगवाने का कहा है, लेकिन प्रिंसिपल लगवाने नहीं दे रही हैं। उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि ऐसी प्रिंसिपल को हटाया जाना चाहिए। डीईओ एनके अहिरवार ने कहा कि प्रिंसिपल कोर्ट से स्टे ले आई। मेहर ने कहा कि हम सब परेशान हो गए हैं। अब ग्रामीण स्कूल में ताला लगा देंगे। इसके बाद डीईओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की गई। मेहर ने ग्राम पंचायत मेघराकलां में स्कूल बिल्डिंग के अच्छे पैमाने की नहीं बनने की बात भी कही। उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि पंचायत के लिए स्वीकृत सामुदायिक भवनों के लिए बैरसिया जनपद पंचायत के अफसर रिश्वत मांग रहे हैं। 10 से 50 हजार रुपए तक मांगे जा रहे हैं। इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जाट ने सीईओ से कहा कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वे भूख हड़ताल भी कर सकते हैं। अध्यक्ष गुर्जर ने पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जा रहे रोड का जिक्र किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बहरावल से नायसमंद रोड जल्द से जल्द पूरा करें। वहां बरखेड़ी धाम आने वाले श्रद्धालुओं को एवं क्षेत्र वासियों को असुविधा होती है। उपाध्यक्ष जाट ने कहा, ग्राम मेंगराकलां में हाई स्कूल की नवीन बिल्डिंग बहुत ही जर्जर है। यह करोड़ों की लागत से बनी है, लेकिन वह कब गिर जाए, कुछ भी कहा नहीं जा सकता। जिम्मेदार अधिकारी व ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए। सदस्य मेहर ने बैरसिया क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए पीएचई विभाग को अवगत कराया। कहा कि क्षेत्र का निरीक्षण कर जहां नल-जल योजना बंद पड़ी है, वहां तत्काल शुरू करवाए। यदि पानी की कमी है तो तत्काल ट्यूबवेल खनन कराया जाए। वन विभाग एवं बिजली विभाग के अधिकारियों पर मेहर ने किसानों को बेवजह परेशान करने पर फटकार लगाई। वन विभाग के अधिकारियों से कहा निर्माण कार्यों के लिए वन विभाग तत्काल परमिशन की अनुमति दें एवं परमिशन की प्रक्रिया को सरल करें। जिस भूमि पर 40 वर्ष से किसान का कब्जा है, उन्हें उसी जगह पर पट्टा दिया जाए। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें। मेहर ने लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में छोटे मजरे टोलों तक सड़क पहुंचाने की मांग की। वहीं, खितवास से दमीला जोड़ तक लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से सड़क बन रही है, लेकिन 2 किलोमीटर का रोड छोड़ दिया है। अधिकारियों को बताया कि परमिशन के लिए वन विभाग को भेजें। अगर वन विभाग परमिशन नहीं देता है तो उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजा जाए। इसलिए जरूरी है मीटिंग
जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठकों में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई।


