जिला एवं सत्र न्यायालय ने पति के परिवाद पर सुनवाई करते हुए पुलिस को आदेश दिए कि पत्नी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(2) के तहत केस दर्ज किया जाए। पत्नी पर आरोप है कि पति जब नींद में होता था, तब वह पति के पर्स से विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड निकालकर पैसा पिता व भाई के खातों में पैसा ट्रांसफर कर देती थी। ओटीपी भी डिलीट कर देती थी। पति को समझ ही नहीं आया कि 5 लाख रुपए कैसे इस्तेमाल हो गए। उसने साइबर सेल की मदद ली तो पता चला क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल देर रात हुआ। उसने पत्नी से सख्ती से पूछा तो उसने मायके में पैसा ट्रांसफर करने की बात कबूली। शिकायत पर पुलिस ने कुछ नहीं किया तो पति ने अधिवक्ता शैलेंद्र द्विवेदी के माध्यम से निजी परिवाद दायर किया। पांच बैंकों के क्रेडिट कार्ड थे पति के पास पांच बैंकों के क्रेडिट कार्ड थे, उनमें से 5 लाख रुपए धोखे से निकाल लिए। यही नहीं सास का सोने का हार भी मायके ले गई। पति को पता चला तो पत्नी के पिता, उसकी बहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। इस पर प्रथमश्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अंशु चौहान ने पत्नी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करने के आदेश दिए। प्रेम विवाह किया था युवक ने
परिवाद में उल्लेख है कि सुमित और अंजलि ने 14 फरवरी 2024 को प्रेम विवाह किया था। पत्नी ने पति से डेढ़ लाख रुपए मां की बीमारी के नाम पर लिए। कुछ समय लौटा भी दिए, ताकि विश्वास जीता जा सके। इसके बाद पत्नी ने पिता को प्लॉट दिलाने के लिए कहा। पति ने दो-तीन किस्तें भरने के बाद बंद कर दी थीं।


