पत्नी ने लवर के साथ मिलकर पति को मार डाला:मिलने से मना किया तो रॉड से सिर पर किए ताबड़तोड़ वार, प्रेमी गिरफ्तार

लखनऊ में पत्नी ने लवर के साथ मिलकर पति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। युवक की पहचान 30 वर्षीय शिव प्रकाश के रूप में हुई। पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और उसकी बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना शनिवार आधी रात पारा थाना क्षेत्र के पूर्वीदीन खेड़ा में हुई। मलिहाबाद थाना क्षेत्र के भदेसरमऊ के रहने वाले शिव प्रकाश पूर्वीदीन खेड़ा में पत्नी के साथ रहते थे। उनके पिता शिवदीन ने बताया- बेटे शिव प्रकाश की पत्नी सविता का पड़ोसी सतीश से अवैध संबंध है। उसने मेरे बेटे की हत्या कराई है। इसमें उसकी बहन कविता ने भी साथ दिया है। वहीं, सविता ने कहा- सतीश ने पति की हत्या की है। बीच-बचाव के दौरान मुझे भी पीटा है। पुलिस ने सतीश को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल लोहे की रॉड बरामद कर ली है। पूछताछ में आरोपी सतीश ने बताया कि उसका मृतक शिव प्रकाश की पत्नी सविता से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसकी भनक शिव प्रकाश को हो गई थी। इसके बाद हम दोनों ने मिलकर शिवप्रकाश के सिर पर लोहे की पाइप से वार करके हत्या कर दी। पुलिस ने सविता को हिरासत में लिया है। देखिए 4 तस्वीरें… अब विस्तार से पढ़िए घटनाक्रम…
घर के बाहर लोहे के रॉड से पीटकर मार डाला
शिव प्रकाश की पत्नी सविता ने बताया- घर से करीब 200 मीटर दूर रहने वाले सतीश से मेरे पति का पुराना विवाद चल रहा है। सतीश के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इससे सतीश हमारे परिवार से रंजिश रखता है। शनिवार रात करीब 1 बजे वह घर के बाहर पहुंचा। गाली-गलौज करते हुए घर के गेट पर लात मारने लगा। शोर-शराबा सुनकर पति ने गेट खोला। गेट खुलते ही सतीश पति को घसीटते हुए सड़क पर ले गया। वहां लोहे के रॉड से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। मैं बचाने पहुंची तो मुझे भी पीटा। पति को मरा समझकर मौके से भाग गया। पड़ोसियों की मदद से मैं पति को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रात में ढाई बजे ससुर को दी सूचना भदेसरमऊ के रहने वाले शिवदीन ने बताया- मेरा बेटा शिव प्रकाश पूर्वीदीन खेड़ा में झोपड़ी बनाकर रहता था। वहां से रोज मजदूरी करने अलग-अलग स्थानों पर जाता था। शनिवार आधी रात करीब ढाई बजे सविता ने मुझे फोन किया। उसने कहा कि सतीश ने शिव प्रकाश को मार डाला है। उसके बाद उसने फोन काट दिया। मैं लगातार फोन करता रहा, लेकिन फिर रिसीव नहीं किया। बहू का पड़ोस सतीश से अवैध संबंध है शिवदीन ने बताया कि सविता से सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे। पता चला कि बेटे को पीट-पीटकर मार डाला गया है। उन्होंने इसकी पारा थाने में शिकायत दी। उन्होंने कहा- शिव प्रकाश की पत्नी सविता का पड़ोसी सतीश से अवैध संबंध है। इसकी शिव प्रकाश को जानकारी हुई तो उसने विरोध किया था। बावजूद इसके दोनों मान नहीं रहे थे। उन्होंने कहा- 20 जुलाई को सतीश ने मेरे बेटे पर जानलेवा हमला किया था। उसने पारा थाने में शिकायत की थी, लेकिन सविता की बहन कविता का पुलिस वालों से जान-पहचान होने के नाते ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। इससे उसका मनोबल बढ़ गया था। उसने मेरे बेटे को मार डाला। मेरी बहू और उसकी बहन कविता भी इसमें शामिल है। पहले भी कर चुका था हमला, नहीं हुई थी कार्रवाई
मूल रूप से नेपाल के रहने वाले सविता के पिता राम प्रसाद ने बताया कि लगभग 11 वर्ष पूर्व सविता का विवाह हैदर कैनाल नाला निवासी शिव प्रकाश के हुआ था। उन्होंने बताया पूर्व में भी कई बार आरोपी सतीश घर में घुसकर सविता के साथ हाथापाई और जान से करने की धमकी दिया था। इस संबंध में कई बार स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र दिया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की थी। बच्चे ननिहाल में रहते हैं
शिव प्रकाश ने सविता से लव मैरिज की थी। दोनों के दो बेटे नीतिश (10) और रौनक (7) हैं। दोनों ननिहाल में रहते हैं। शिव प्रकाश मजदूर था। सतीश भी मजदूर है। करीब डेढ़ साल पहले सविता संतोष के संपर्क में आई थी। पुलिस का कहना है कि मामले में मृतक की पत्नी सविता, उसके प्रेमी सतीश और बहन कविता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सतीश से पूछताछ की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को कड़ी सजा और बच्चों को आर्थिक सहायता मिले प्रधान पति संतोष कुमार मौर्य शिवदीन के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया- शिवदीन ने घटना की सूचना दी तो रात में मैंने पुलिस से बात की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शिव प्रकाश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सरकार से बच्चों की आर्थिक सहायता के लिए मांग की जाएगी। —————— यह खबर भी पढ़िए… रेलवे अफसरों को इमरजेंसी सायरनों की जानकारी नहीं:DRM-डायरेक्टर नहीं दे पाए जवाब, लखनऊ में रिस्पांस टाइम खराब रेल दुर्घटना या अन्य इमरजेंसी होने पर रेलवे रेस्क्यू करने में फेल साबित हो सकता है, क्योंकि अफसरों को सायरन संकेतों (कोड) की जानकारी नहीं है। कोआर्डिनेशन का अभाव है। रिस्पांस टाइम सही नहीं है। तकनीकी कमियां हैं। यह चौंकाने वाली जानकारी नॉर्दर्न रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से 19 दिसंबर को चारबाग रेलवे स्टेशन पर हुए मॉक ड्रिल में सामने आई। पूरी खबर पढ़ें

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