भास्कर न्यूज | उदयपुर शिक्षा विभाग की पदोन्नति सूची में नाम नहीं आने से नाराज शिक्षकों ने संभागीय संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाकर कहा डीईओ कार्यालय की लापरवाही से कई पात्र शिक्षक वंचित हो गए। सरगुजा जिले में एक अप्रैल को 133 शिक्षकों को पदोन्नति दी गई। इसमें कई ऐसे शिक्षक शामिल नहीं किए गए, जो वरिष्ठता सूची में पात्र थे। लोगों ने मिलीभगत का आरोप लगाया। जिले में वरिष्ठता सूची के क्रमांक 492 से 624 तक के शिक्षकों को पदोन्नति दी गई, लेकिन 618 क्रमांक की शिक्षिका चंद्रकला सिंह को सूची में नहीं रखा। वहीं पूर्व सूची के 624 क्रमांक तक के अन्य शिक्षकों को शामिल किया गया। मिडिल स्कूल डांडगांव की शिक्षिका चंद्रकला सिंह पहले से वरिष्ठता सूची में थीं, फिर भी उन्हें पदोन्नति नहीं मिली। मिडिल स्कूल रीखी के शिक्षक हेमंत राजवाड़े और मिडिल स्कूल फुलचूही की शिक्षिका सुशीला पांडेय सहित अधिक उम्र और वरिष्ठता वाले शिक्षक भी वंचित रह गए, जबकि कम उम्र के शिक्षकों को पदोन्नति दी गई। शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने सीआर रिपोर्ट बनवाकर बीईओ कार्यालय में जमा की थी। रिपोर्ट तय समय पर 25 नवंबर 2024 को डीईओ कार्यालय पहुंच गई थी, लेकिन डीईओ कार्यालय ने वरिष्ठता से जुड़े दस्तावेज जेडी कार्यालय नहीं भेजे। इससे कई शिक्षकों का नाम सूची में नहीं आ सका। प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बजरंग दास ने कहा कि डीईओ कार्यालय ने जानबूझकर सीआर रिपोर्ट रोक दी। इससे कई शिक्षकों की पदोन्नति रुक गई। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।


