लुधियाना| सेहत विभाग ने वीरवार सुबह सुभानी बिल्डिंग के नजदीक लस्सी चौक में बिट्टू लस्सी की दुकान पर रेड की। सेहत विभाग को डेयरी संचालक कुलदीप लाहोरिया ने शिकायत दी थी कि कई मैरिज पैलेसों में लक्कड़ बाजार की इस दुकान से नकली पनीर, मक्खन और दही सप्लाई होता है। इसके बाद विभाग ने एक्शन लेते हुए थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस को साथ लेकर दबिश दी। सेहत विभाग की रेड का पता चलते ही लक्कड़ बाजार में मिठाइयां बेचने वाले दुकानों को बंद करके भाग गए। इस बाजार से ही पूरे लुधियाना में नकली मावा भी सप्लाई होता है। सिविल सर्जन डा. रमनदीप कौर ने कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि लक्कड़ बाजार में सुबह एक गाड़ी आती है जिसमें पनीर और घी होता है। उसी लीड पर गाड़ी को घेर कर पनीर और अन्य सामान के सेंपल भर लिए हैं। दूध और उसके बने पदार्थों को अधिक पौष्टिक माना जाता है। परंतु, आजकल इनमें मिलावट के बारे में सुनने को मिलता है। मिलावटी पदार्थों की जांच करने के लिए फूड सेफ्टी विभाग अपना काम कर रहा है। दूध और पनीर की शुद्धता और अशुद्धता को घर में जांचा जा सकते हैं। दूध और पनीर असली या नकली घर में चेक करने के लिए कुछ टेस्ट किए जा सकते हैं। इन टेस्ट के जरिए आप खुद ही घर में पता लगा सकते हैं कि जो दूध या पनीर अपने खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं, वो नकली है या असली। डॉ अमरजीत , जिला स्वास्थ्य अधिकारी {टेस्ट 1: पनीर रबर जैसी लचक दिखाए तो नकली है: पनीर की असलियत जांचने का एक सरल तरीका ये है कि आप पनीर के एक टुकड़े को अपने हाथ में लेकर हल्के दबाव से मसलें। यदि मसलने पर पनीर टूटने या बिखरने लगे, तो यह संकेत है कि पनीर असली है और उसमें कोई मिलावट नहीं है। वहीं यदि पनीर मसलने पर टूटे नहीं और रबर जैसी लचक दिखाए, तो वह नकली हो सकता है या उसमें सिंथेटिक पदार्थ मिलाए गए हैं। ये घरेलू जांच आसान है और नकली पनीर से बचने के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। {टेस्ट 2 : पनीर में आयोडिन सॉल्यूशन डालने पर रंग नीला पड़े तो स्टार्च है : पनीर और दूध में सबसे ज्यादा स्टार्च की मिलावट की जाती है क्योंकि इससे दूध और पनीर को गाढा और मात्रा को बढ़ाता है। पनीर में स्टार्च की जांच करने के लिए पहले पनीर के टुकड़े को पानी में कुछ मिनट तक उबाल लें। उबालने के बाद टुकड़े को ठंडा होने दें। उसके बाद पनीर के टुकड़े पर आयोडिन सॉल्यूशन की एक बूंद को डाल दें। बूंद डालने के बाद यदि पनीर का रंग नीला हो जाए तो पनीर स्टार्च से भरपूर है जो सेहत के लिए हानिकारक है। वहीं, दूध में स्टार्च को टेस्ट करने के लिए 5 से 10 एमएल दूध एक बर्तन में भर लें। उसके बाद दूध को उबालकर फिर उसको ठंडा कर लें। ठंडा होने के बाद आयोडिन सॉल्यूशन की बूंदें डालें। यदि दूध का रंग नीला पड़ जाए तो उसमें स्टार्च है। वहीं, दूसरी ओर दूध का रंग नहीं बदलता तो वो दूध सेहत के फायदेमंद है। {टेस्ट 3:मिलावट को जांचने के लिए करें पानी का इस्तेमाल: पनीर और दूध में डिटरजेंट की मिलावट की जाती है क्योंकि इससे दोनों को जमने से रोकने के लिए, शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए और लागत कम हो जाती है। परंतु, यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक हैं। दूध में डिटरजेंट की जांच करने के लिए 5 एमएल दूध में इसी मात्रा के ही पानी को मिला दें। मिलाने के बाद बर्तन को अच्छे से हिला दें। हिलाने के बाद यदि झाग की मात्रा अधिक है तो इसमें डिटरजेंट है। वहीं, दूध में अगर झाग की पतली सी परत बनी है, तो उस दूध को इस्तेमाल किया जा सकता है। पनीर में डिटरजेंट या यूरिया की जांच करने के लिए तूअर की दाल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पनीर के टुकड़े को पानी में उबाल लें। उबालने के बाद पनीर के टुकड़े को ठंडा करने के लिए रख दें। फिर पनीर को तूअर के दाल में कुछ मिनट के लिए रख दें। फिर उसको निकाल लें। इसमें यदि पनीर का रंग लाल या पिंक हो गया है, इसका मतलब है कि पनीर में डिटरजेंट या यूरिया की मिलावट की गई है।


