पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने शुक्रवार शाम अमानगंज और गुनौर क्षेत्र के धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खरीदी केंद्रों पर मौजूद मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बिना ग्रेडर के नहीं होगी धान खरीदी कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि किसी भी खरीदी केंद्र पर बिना ग्रेडर के धान की खरीदी नहीं की जाए। साथ ही किसानों से ग्रेडिंग और तुलाई के लिए तय 40 रुपए की राशि ही ली जाए और इस संबंध में शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसानों से की चर्चा, गुणवत्ता की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे बातचीत की और धान की गुणवत्ता तथा रकबे के अनुसार उत्पादन की जानकारी ली। तारा झरकुआं उपार्जन केंद्र पर उन्होंने ग्रेडिंग मशीन से धान की सफाई कार्य का अवलोकन किया। केंद्र प्रभारी महेंद्र कुशवाहा ने बताया कि अब तक 8400 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जबकि 3200 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है। भंडारण और उठाव व्यवस्था पर दिए निर्देश कलेक्टर ने उपार्जित धान के सुरक्षित भंडारण, धान के स्लॉट बढ़ाने और उठाव के लिए पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। केंद्र पर मौजूद किसानों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं है और उपार्जन कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। वेयरहाउस में व्यवस्थाओं का जायजा महेबा स्थित श्री रामजानकी माया वेयरहाउस के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खरीदी के तुरंत बाद धान का परिवहन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों की सुविधा के लिए सर्टिफाइड डिजिटल मॉइश्चर मीटर से पर्ची काटने के निर्देश दिए। वहीं पाठक वेयरहाउस सिली गुनौर में व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश भी दिए गए। श्रमिक और ग्रेडर बढ़ाने के निर्देश कलेक्टर ने कहा कि अगले दिन से केंद्रों पर श्रमिकों की संख्या और ग्रेडर बढ़ाए जाएं। खरीदी केंद्रों को सुबह 8 बजे तक अनिवार्य रूप से खोलने की व्यवस्था की जाए। छोटे किसानों और पहले से स्लॉट बुक करा चुके किसानों की उपज की तौल को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। किसानों की समस्याएं सुनीं निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके जल्द समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही आने वाले दिनों में स्लॉट बढ़ाने का भी भरोसा दिलाया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


