परमात्मा को पाना कठिन नहीं, बस खुद को प्रभु से जोड़ने की जरूरत है: शेखर

भास्कर न्यूज| महासमुंद/ झलप ग्राम लामीडीह में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दौरान शनिवार को भक्ति और आनंद का अनूठा संगम देखने मिला। कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीला और रास लीला के प्रसंग सुनाए गए, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। व्यासपीठ पर विराजमान पं. शेखर गौतम महाराज ने कहा कि परमात्मा को पाना कठिन नहीं है। बस स्वयं को प्रभु से जोड़ने की आवश्यकता है। हम अपने भीतर जितनी सरलता और सहजता लाएंगे, ईश्वर तक पहुंचने की राह उतनी ही सुगम होती जाएगी। भक्ति के लिए हृदय का निर्मल होना अनिवार्य है। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग पर भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। जैसे ही वासुदेव जी बाल कृष्ण को टोकरी में लेकर निकले, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… से गूंज उठा। इस मौके पर भगवान की बाल लीलाओं और रासलीला का वर्णन संगीतमय भजनों के जरिए से किया गया, जिस पर महिला और पुरुष श्रद्धालु झूमने लगे। भजनों की धुन पर झूमे श्रद्धालु कथा के दौरान जब संगीतमय भजनों के माध्यम से भगवान की लीलाओं का वर्णन शुरू हुआ, तो पंडाल का माहौल भक्तिमय हो गया। भजनों की मधुर धुन और कृष्ण भक्ति के प्रभाव में आकर महिला और पुरुष श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाए और अपनी जगह पर खड़े होकर झूमने लगे। संगीतमय भजनों और प्रवचन ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। कथावाचक ने श्रीकृष्ण की बाल लीला, पूतना वध, दही लूट, कालिया नाग वध, कंस वध सहित भगवान के लीलाओं का रसपान कराया। इस दौरान कथा श्रवण कर भक्तों की आंखें भर आई। सभी ने भाव-विभोर होकर कथा का आनंद लिया।

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