भास्कर न्यूज | संगम परलकोट सितरम में सर्व आदिवासी समाज और आदिवासी छात्र युवा संगठन द्वारा शहीद गुण्डाधुर और शहीद गेंदसिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर भूमकाल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कई गांवों से सैकड़ों लोग शामिल हुए। युवक-युवतियों और बुजुर्गों ने रातभर पारंपरिक रेला और मंदरी नृत्य किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोटूल सेना के अध्यक्ष क्रांति केरामी थे। विशेष अतिथि सर्व आदिवासी समाज के उपाध्यक्ष सिया राम पूड़ो, मांझी सुकल नुरूटी, बिसरू किरांगे, संतलाल दुग्गा, गज्जू दुग्गा थे। मुख्य अतिथि क्रांति केरामी ने कहा शहीद गुंडाधुर ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बलिदान दिया था और आज भी आदिवासी समाज इन्हीं मूल्यों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। सिया राम पुड़ो ने भी युवाओं को जागरूक करते हुए कहा अपने हक और अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें आगे आना होगा। वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासी समाज को संगठित रहने और अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने का आह्वान किया। आयोजन में सर्व आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष मैनी कचलामी, बेचाघाट संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजीत नुरूटी, दिलीप बघेल, मंगल कुमेटी, रामलाल ध्रुव, गणेश पद्दा, गणेश नायक, रमेश कावड़ो ने भी संबोधित किया। इस दौरान आदिवासी छात्र युवा संगठन प्रदेश उपाध्यक्ष सोमा नुरोटी, छोटे बेटिया सर्कल अध्यक्ष लक्ष्मण मंडावी, सविता नुरूटी, सुनील नुरूटी, सुजीत नुरूटी, कुड्डूख समाज कार्यकर्ता जयमासी केरकेटा उपस्थित थे। रातभर चला हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम भूमकाल दिवस पर पारंपरिक आदिवासी नृत्य और गीतों की धूम रही। रेला और मंदरी नृत्य ने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। एकजुटता और संघर्ष की भावना को मजबूत किया।


