भास्कर न्यूज | बालोद भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव बालोद में धूमधाम से मनाया गया। समग्र ब्राह्मण समाज जिला बालोद ने गंगासागर स्थित भगवान परशुराम की प्रतिमा के समक्ष मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम चौक में प्रतिमा पूजन से हुई। वहां उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया। ब्राह्मण समाज के घरों में महिलाओं ने रंगोली बनाई, दीप जलाए और थाल में भगवान परशुराम की आरती की। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं नगर भ्रमण में भी शामिल रहीं। समग्र ब्राह्मण समाज बालोद के जिलाध्यक्ष अटल दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम चिरंजीवी हैं। वे केवल विप्र समाज के नहीं बल्कि सर्व समाज के भगवान हैं। जो भी सच्चे मन से उनकी पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वे उदारवादी, पितृभक्त, मातृभक्त और तपस्वी थे। उन्होंने विश्व कल्याण के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया। दुबे ने कहा कि विप्र समाज को भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। आने वाली पीढ़ियों को भी उनके पदचिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। ब्राह्मण समाज के घरों में महिलाओं ने रंगोली बनाई ब्राह्मण शिरोमणि कुल गुरु भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर शहर के परशुराम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। समाज के लोगों ने विधिविधान से पूजा की। मंत्रोच्चार के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा का अभिषेक किया गया। फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर आरती की गई। हवन और आरती के बाद शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में विप्रजन पारंपरिक परिधान में शामिल हुए। शोभायात्रा की शुरुआत परशुराम मंदिर से हुई। यात्रा जयस्तंभ चौक, घड़ी चौक, पुराना बस स्टैंड, सदर रोड, हलधर चौक, मोखला माझी मंदिर, इंदिरा चौक होते हुए पुनः परशुराम मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया। भगवान परशुराम पर आधारित झांकी आकर्षण का केंद्र रही। जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत किया गया।


