परिजनों के आरोप- बेटी को ऊंचाई से डर लगता था, स्कूल प्रबंधन को बताया लेकिन गंभीरता से नहीं लिया

शनिवार सुबह 10 बजे पुरानी आबादी वार्ड 14 निवासी 18 वर्षीय मृतक छात्रा रमनदीप वर्मा के पिता विजयकुमार अपने परिवार तथा मोहल्ले के लोगों के साथ कोतवाली पहुंचे। कार्यवाहक एसएचओ रामेश्वर बिश्नोई को अधिवक्ता रामगोपाल स्वामी ने लिखित परिवाद पेशकर मामला दर्ज करने का आग्रह किया। एसएचओ ने मुकदमा दर्ज करने लायक मामला नहीं बनना बताया। इससे परिवार के सदस्य नाराज हो गए और एसपी ऑफिस पहुंच गए। वहां भी मामला दर्ज करने के आदेश नहीं हुए। इस पर एसपी ऑफिस में धरना लगा दिया। करीब एक घंटे बाद इनको वापस कोतवाली भेजा गया। वहां जवाहरनगर एसएचओ देवेंद्र राठौड़ तथा प्रशिक्षु आरपीएस प्रियंका चौधरी ने पीड़ित परिवार के साथ वार्ता की। शाम को चार बजे मामला दर्ज कर लिया गया। धरने पर एडवोकेट रामगोपाल स्वामी, पूर्व पार्षद धर्मपाल पाली, सुनीलकुमार तथा बार एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मणराम के अलावा परिवार के सदस्य व महिलाएं बैठीं। भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर ब्लॉक एरिया स्थित एसडी गर्ल्स स्कूल की दूसरी मंजिल से गिर जाने से छात्रा की पोस्टमार्टम मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में परिवाद पर कोतवाली थाने में लापरवाही बरतने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी जांच सेतिया चौकी प्रभारी रामेश्वरलाल बिश्नोई को सौंपी गई है। रविवार को छात्रा के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। इससे पहले छात्रा के परिजनों की ओर से स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कोतवाली और फिर एसपी ऑफिस के बाहर दो बार धरना दिया। अंतत: शाम को स्कूल की डायरेक्टर कमलेश कटारिया, प्रधानाचार्य किरण मैडम, स्टाफ कृष्ण वर्मा तथा अन्य स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसमें स्कूल प्रबंधन पर छात्रा को बीमार होने के बावजूद प्रैक्टिकल देने को मजबूर करने और टीसी काटकर कॅरियर बर्बाद करने के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में स्कूल मैनेजमेंट की ओर से स्कूल के सीसीटीवी फुटेज तथा लैब में प्रेक्टिकल दे रही छात्रा के फोटो पुलिस को शुक्रवार रात ही उपलब्ध करवा दिए थे। परिजन बोले- छात्रा रमनदीप ऊंचाई से डर लगने के कारण घर की छत पर भी नहीं जाती थी : छात्रा रमनदीप के पिता विजय वर्मा ने परिवाद में बताया कि उनकी बेटी को ऊंचाई से डर लगता था। वह काफी दिनों से बीमार थी। उन्होंने 8 जनवरी को स्कूल मैनेजमेंट से मिलकर बताया कि उनकी बेटी की स्थिति ठीक नहीं और वह प्रैक्टिकल नहीं दे पाएगी। तब प्रबंधन तथा प्रधानाचार्य ने कहा कि प्रैक्टिकल देने अनिवार्य हैं। नहीं दिए तो छात्रा फेल हो जाएगी और स्कूल का रिजल्ट खराब हो जाएगा। परिवार ने छात्रा का प्रैक्टिकल ग्राउंड फ्लोर पर करवाने का आग्रह किया क्योंकि ऊंचाई से डर लगता था। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की और स्कूल की दूसरी मंजिल पर लैब में प्रैक्टिकल करवाए जा रहे थे। प्रैक्टिकल में बैठने से पहले 11860 रुपए फीस के जबरदस्ती भरवाए गए। 14 जनवरी को पहला प्रैक्टिकल देने के दौरान दूसरी मंजिल लैब में छात्रा रमनदीप बेहोश हो गई थी। उसे बड़ी मुश्किल से नीचे लाकर होश में लाया गया था। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने सुनवाई नहीं की। इस लापरवाही के कारण छात्रा की शुक्रवार शाम को दूसरी मंजिल से गिर जाने से मौत हो गई। श्रीगंगानगर. कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाने पहुंचे मृतका छात्रा के परिजन।

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