भास्कर न्यूज| नवांशहर /फाजिल्का एनटीए की ओर से ली जाने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी पीजी) 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख को बढ़ा दिया गया है। अब इसके लिए उम्मीदवार 8 फरवरी 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं। एनटीए की ओर से इसके लिए जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि उम्मीदवारों की ओर से कई अनुरोध प्राप्त होने के बाद सीईटी पीजी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 8 दिन बढ़ा दी गई है। वहीं आवेदन फीस 9 फरवरी रात 11:50 बजे तक जमा करवा सकते है। आवेदन में सुधार के लिए सुधार विंडो अब 10 से 12 फरवरी तक खुली रहेगी। परीक्षा 13 मार्च 2025 से 31 मार्च 2025 के बीच आयोजित की जाएगी। सीयूईटी पीजी कार्यक्रम के माध्यम से कुल 157 विषय पेश किए जा रहे हैं। यह परीक्षा देश भर के 312 शहरों में आयोजित की जाएगी, जिसमें भारत के बाहर के 27 शहर शामिल हैं। आवेदन के दौरान छात्रों को सेंटर के लिए चार शहरों का विकल्प दिया है। वे अपने शहर के साथ प्रदेश के ही तीन और विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें देश के किसी भी राज्य में सेंटर अलॉट किया जा सकता है। हालांकि यह जानकारी भी सामने आई है कि इस बार एनटीए छात्रों को अपने ही शहर या फिर सबसे नजदीकी शहर में सेंटर अलॉट करेगा, लेकिन छात्र संख्या अधिक होने की स्थिति में अन्य शहर या अन्य राज्य में भी सेंटर अलॉट किया जा सकता है। वहीं इस बार सीयूईटी पीजी परीक्षा 2025 की अवधि 105 मिनट से घटाकर 90 मिनट कर दी गई है। हालांकि, प्रश्नों की संख्या पिछले साल की तरह ही 75 ही रहेगी। परीक्षा प्रतिदिन दो से तीन शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक शिफ्ट एक घंटे 30 मिनट की होगी। उम्मीदवार क्वेश्चन पेपर कोड्स की लिस्ट में से चार पेपर कोड्स चुन सकते हैं। यह चॉइस स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन के समय भरनी होगी। फॉर्म भरते वक्त छात्रों को सब्जेक्ट कोड सही भरना होंगे, अन्यथा दूसरे विषय का परचा हल करना पड़ेगा। यही नहीं, पिछले साल कई छात्रों ने फॉर्म के दौरान एमपी डोमिसाइल यानी प्रदेश के मूल निवासी के विकल्प पर ही टिक नहीं किया। था। इस बार भी जो छात्र इस विकल्प पर टिक नहीं करेंगे, उन्हें रिजर्वेशन का फायदा नहीं मिलेगा। जिन्हें। ईडब्ल्यूएस कैटेगरी का फायदा चाहिए, उन्हें भी फॉर्म भरते वक्त उसके विकल्प पर टिक करना होगा। सही जवाब पर 4 अंक मिलेंगे, गलत होने पर 1 अंक कटेगा सीयूईटी देने वाले छात्रों को कुछ खास बातें रखना चाहिए। खासकर एग्जाम पैटर्न व समय-सीमा को ध्यान में रख पेपर देना होगा। लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान निगेटिव मार्किंग व टाइम मैनेजमेंट का रखें। क्योंकि इस बार भी 75 प्रश्न पूछे जाएंगे, लेकिन समय पिछली बार से 15 मिनट कम मिलेगा। सही जवाब के लिए 4 मार्क्स मिलेंगे। एग्जाम में निगेटिव मार्किंग भी होती है। वहीं एग्जाम में पहले की ही तरह 75 सवाल पूछे जाएंगे। एग्जाम के लिए क्वेश्चन पेपर कोड्स की एक लिस्ट दी जाती है। कैंडिडेट्स इसमें से चार पेपर कोड्स का सिलेक्शन कर सकते हैं। यह चॉइस स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन के समय भरनी होगी। कैंडिडेट्स की चॉइस के आधार पर जनरल पेपर का कॉम्प्रिहेंशन वाला हिस्सा इंग्लिश या हिंदी में होगा। हर सवाल 4 अंकों का होगा। सही जवाब के लिए 4 मार्क्स मिलेंगे। एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग होती है। हर गलत जवाब के लिए एक अंक कटेगा।


