भास्कर न्यूज | बालोद बालोद जिले में सरकारी स्कूलों के बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी के नेतृत्व में लगातार समीक्षा बैठकें, मॉनिटरिंग और विशेष कक्षाओं के माध्यम से 100 प्रतिशत परिणाम हासिल करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी व बीईओ ने विकासखंड बालोद के प्राचार्यों की प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम की समीक्षा बैठक बीआरसीसी भवन में हुई। प्री-बोर्ड परीक्षा के परिणामों की गहन समीक्षा करते हुए आगामी दिनों की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। साथ ही मेरिट में आने की संभावना वाले विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक टिप्स और रणनीति साझा की गई। वहीं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मोहिनी यादव ने प्राचार्यों के साथ बैठक कर अतिरिक्त कक्षाएं नियमित रूप से संचालित करने के सख्त निर्देश दिए। कक्षा 12वीं में रसायन शास्त्र के सबसे महत्वपूर्ण और परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों की गहन तैयारी कराई जाए। राजनीति विज्ञान विषय में कमजोर छात्राओं को अतिलघु उत्तरीय प्रश्नों का अभ्यास कराया गया। मेरिट में आने की संभावना रखने वाली छात्राओं के लिए दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का विशेष टेस्ट आयोजित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से 100 प्रतिशत परिणाम पूरी तरह संभव है। प्राचार्यों से कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति व मध्याह्न भोजन का संचालन करें। तनाव प्रबंधन पर जोर बोर्ड परीक्षा का तनाव कम करने के लिए बच्चों को जानकारी दें। एक व्यवस्थित अध्ययन समय सारिणी बनाएं, जिसमें छोटे ब्रेक शामिल हों। पौष्टिक भोजन करें और प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद लें। रटने के बजाय समझकर पढ़ें, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें, और ध्यान या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें। परीक्षा के दौरान सकारात्मक रहें। अंतिम समय में रटने से बचें। समय सारिणी बनाएं। कठिन विषयों को पहले समय दें। अंतिम मिनट में रिवीजन के लिए संक्षिप्त नोट्स तैयार रखें। रोज अच्छी नींद 7-8 घंटे याददाश्त बढ़ाने और मानसिक तनाव कम करने के लिए आवश्यक है। लगातार पढ़ने के बजाय हर घंटे में 5-10 मिनट का ब्रेक लें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें, इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।


