भास्कर न्यूज | कवर्धा ग्राम छिरहा स्थित शासकीय हाई स्कूल में बुधवार को परीक्षा परिणाम से पहले तनाव प्रबंधन पर कार्यक्रम हुआ। इसमें पालकों और विद्यार्थियों से चर्चा की गई। प्राचार्य डॉ. रमेश चन्द्रवंशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल जल्द ही दसवीं का परीक्षा परिणाम घोषित करेगा। परिणाम आने से पहले बच्चों में तनाव होना सामान्य है। कई बार यह तनाव अवसाद में बदल जाता है। इससे बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। कुछ विद्यार्थी गलत निर्णय भी ले लेते हैं। डॉ. चन्द्रवंशी ने कहा कि यह समय बच्चों और पालकों दोनों के लिए संवेदनशील होता है। पालकों की नकारात्मक भूमिका भी कई बार सामने आती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का जो भी परिणाम आए उसे स्वीकार करें। हर बच्चा अलग होता है। उसकी अपनी गति और क्षमता होती है। इसलिए बच्चों की तुलना किसी और से न करें। बच्चों और पालकों को दी समझाइश: प्राचार्य डॉ. रमेश चन्द्रवंशी ने बच्चों व पालकों को सकारात्मक सोच बनाए रखने समझाइश दी। यदि परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं हो तो बच्चे को समझाएं कि यह अंत नहीं है। यह सीखने और सुधारने का अवसर है। कार्यक्रम में एसएमडीसी अध्यक्ष चैन सिंह पटेल, सरपंच सुरेश पटेल, व्याख्याता कल्पना मरावी, वीणाक्षी नामदेव, पालकगण जगरतन बंजारे, दुर्गेश धुर्वे, भूपत साहू, दीपक कोसरिया, ताराचंद डिंडोरे, सगुन दास, पन्नालाल, पल्लवी, गौरी सोनवानी, संतोष, जोहित और नौवीं-दसवीं के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


