भास्कर न्यूज | हसौद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के 9वें संस्करण में देशभर के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, चिस्दा में भी हुआ, जिसे बच्चों ने उत्साह से देखा। प्रधानमंत्री आवास में आमंत्रित विद्यार्थियों ने पढ़ाई, परीक्षा और जीवन से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका प्रधानमंत्री ने सरल व व्यावहारिक शैली में उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूली पढ़ाई और कोचिंग में प्राथमिकता 12वीं की परीक्षा को देनी चाहिए, क्योंकि यही आगे की तैयारी की मजबूत नींव है। उन्होंने अपनी पुस्तक एग्जाम वॉरियर का उल्लेख करते हुए तनाव कम करने के उपाय बताए और समय प्रबंधन के लिए रोज डायरी लिखने की सलाह दी। सही दृष्टिकोण होने पर गणित जैसे विषय भी आनंददायक बन सकते हैं इस संदेश ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा केवल अंक नहीं, सीखने का अवसर है। उन्होंने संगीत, कला और लेखन के प्रति बढ़ती रुचि को सकारात्मक बदलाव बताया। अनुभव आधारित शिक्षा को आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताते हुए उन्होंने परीक्षा से पहले 30 सेकेंड शांत बैठने की सलाह दी। सपनों और लक्ष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर कार्य करें। कार्यक्रम में कर्नाटक के एक छात्र ने शास्त्रीय बांसुरी वादन प्रस्तुत किया। चिस्दा के विद्यार्थियों ने इस संवाद को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इससे परीक्षा का दबाव कम हुआ।


