पर्यटन विभाग देश को बताएगा छत्तीसगढ़ अब नक्सलगढ़ नहीं

सूरज यदु | राजनांदगांव पर्यटन विभाग अब देश में छत्तीसगढ़ के नक्सलगढ़ वाली छवि को बदलेगा। विभाग बताएगा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलगढ़ नहीं रहा। यहां के टूरिस्ट स्पॉट में किसी तरह का नक्सल खतरा नहीं है। पर्यटक बगैर किसी डर के हर हिस्से में घूमकर छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का लुत्फ उठा सकते हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग ने अपनी वेबसाइट में विशेष कंटेंट तैयार कर लिया है। जिसमें देश के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ से खत्म हो रहे नक्सलवाद के साथ पर्यटन स्थलों की विशेषता, यहां की सुरक्षा व्यवस्था और आसान आवागमन की सुविधा के साथ अधिक पर्यटन केंद्रों तक पहुंचने की पूरी डिटेल शेयर करेगा। पर्यटन विभाग की विशेष टीम अलग-अलग राज्यों में पहुंचेगी। जहां पर्यटन व्यवसाय से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठक कर छत्तीसगढ़ में पर्यटन केंद्रों और टूरिज्म बिजनेस की अपार संभावना की पूरी जानकारी देगी। टीम बताएगी के देश के अलग-अलग हिस्से के पर्यटकों को कैसे छत्तीसगढ़ में बेहतर पर्यटन के लिए आकर्षित किया जा सकता है। वहीं छत्तीसगढ़ का पर्यटन विभाग देश के टूरिस्टों को किसी तरह की सुविधा मुहैया कराएगा। बस्तरिया जीवन उनके घरों में ही रहकर देख सकेंगे: पर्यटन विभाग ने बस्तर और सरगुजा में होम स्टे की भी तैयारी की है। इसके लिए सारा ब्लूप्रिंट तैयार किया जा चुका है। जिसे शासन से भी मंजूरी मिल गई है। इसमें बस्तर और सरगुजा के आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटकों को होम स्टे की सुविधा मिलेगी। जहां बस्तर के गांवों में रहकर टूरिस्ट वहां के रहने सहन, भोजन और परंपरा को करीब से देख सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग होम स्टे के लिए सब्सिडी देने की भी तैयारी में हैं। पर्यटन विभाग की टीम ने बीते दिनों बेंगलुरु, अहमदाबाद और कोलकाता का विजिट किया। यहां टूरिज्म इंडस्ट्रिज से जुड़ी कंपनियों से टीम ने मुलाकात की। जिन्हें छत्तीसगढ़ में पर्यटन केंद्रों की पूरी जानकारी दी। इन कंपनियों को अपने टूर पैकेज में छत्तीसगढ़ के इन केंद्रों को शामिल करने को लेकर भी चर्चा हुई। मौजूदा समय में छत्तीसगढ़ से खत्म होते नक्सलवाद, टूरिस्ट पाइंट में सुरक्षा से लेकर सुविधा की भी जानकारी कंपनियों को दी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बताया कि देश के पर्यटकों में मौजूद छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद से ग्रसित राज्य की छवि को दूर किया जाएगा। इसके लिए वेबसाइट तैयार कर लिया गया है। हमारी टीम भी अलग-अलग राज्यों में जाकर पर्यटन को बढ़ावा देने इस व्यवसाय से जुड़ी कंपनियों से मिल रही है। बस्तर व सरगुजा में होम स्टे सुविधा देने की भी तैयारी है। वेबसाइट में सभी कंटेंट जल्द ही अपडेट हो जाएंगे।

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