अजमेर-नागौर सीमा पर स्थित पुष्कर थाना क्षेत्र के करकेड़ी गांव में शनिवार को पर्यावरण प्रेमियों और खेजड़ी माफिया के बीच तनातनी हो गई। मामला मारपीट तक पहुंचा और 4 लोग घायल हो गए, जिनमें भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के प्रदेशाध्यक्ष एलआर जारोड़ा गंभीर रूप से घायल हुए। एलआर जारोड़ा को अजमेर रेफर किया गया। अजमेर व नागौर जिले के पर्यावरण प्रेमी करकेड़ी गांव पहुंचे और प्रशासन से खेजड़ी कटाई को लेकर मशीनें सीज करने की कार्रवाई की मांग की। इस पर आईजी, एसपी सहित वन विभाग को सूचना दी मगर कोई मौके पर नहीं आया। दो घंटे बाद पुष्कर थाना पुलिस पहुंची तथा तीन कटर मशीनें सीज की। इस बीच पुलिस की मौजूदगी में ही पर्यावरण प्रेमियों पर माफिया समर्थकों ने हमला कर दिया। जिसमें भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के प्रदेशाध्यक्ष एलआर जारोड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए तथा तीन अन्य लोग घायल हुए। घटना को लेकर अब प्रदेश भर में आंदोलन की तैयारी चल रही है। भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के नागौर जिलाध्यक्ष परसाराम विश्नोई सहित पदाधिकारियों ने कहा कि अगर माफिया पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो प्रदेश भर में आंदोलन किया जाएगा। एलआर जारोड़ा ने कहा कि मुझ पर किया गया ये हमला हर पर्यावरण प्रेमी की आवाज दबाने की कोशिश है। पुलिस के सामने मारपीट और पथराव के साथ ही तोड़फोड़ करना माफिया को संरक्षण देना है। इस घटना में पांच गाड़ियां तोड़ दी गई तथा चार लोग घायल हुए है। तनाव को देखते हुए एसपी ने मौके पर और जाप्ता भेजा है। अजमेर आईजी राजेंद्रसिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए है। पुलिस मौके पर ही है। आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए विधिवत कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र से रोज 1500 टन से अधिक खेजड़ी प्रदेश भर में तस्करी करते हुए भेजी जा रही है। ट्रकों में लकड़ी भरकर जयपुर, सीकर, चूरू, बीकानेर, जोधपुर, दूदू सहित कई जिलों में भेजी जा रही है।


