जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने पर्यावरण संघर्ष समिति की ओर से लगाया जा रहा धरना रविवार को 157वें दिन भी जारी रहा। उधर, खेजड़ला रोही नोखा मरुस्थल में धरना 522वें दिन जारी रहा। मूलचंद खत्री ने कहा कि मरुस्थल के सीने पर सोलर प्लेटें दहकते अंगारों की तरह है। बीकानेर शहर सोलर प्लांटों से उत्पन्न गर्मी की जद रहेगा। खत्री ने कहा कि केवल खेजड़ी व अन्य मरुस्थलीय वनस्पति ही हमें प्राकृतिक आपदा से शुद्ध पर्यावरणीय आवरण दे सकती है। धरने पर रामगोपाल विश्नोई, रामदेव मेघवाल, हनुमाना राम विश्नोई, अरूण कुमार, मदन खीचड़, रविदास, शिवराम बौद्ध, विजय सिंह, हनुमान काकड़, सरदार दरबारा सिंह, प्रसन्न कुमार, हीरू खां टावरी, सुरेन्द्र शिवरान, रामप्रताप वर्मा, सत्यनारायण कुलड़िया आदि मौजूद रहे।


