संजय तिवारी | मेदिनीनगर पलामू की महिलाएं मशरूम का उत्पादन कर आत्मनिर्भर हो रही हैं। मशरूम लेडी के नाम से मशहूर सुषमा देवी की पहल से 350 से अधिक महिलाएं मशरूम उत्पादन से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। सुषमा देवी वर्ष 2006 से घर में मशरूम के स्पॉन यानी बीज के उत्पादन के साथ मशरूम का उत्पादन भी कर रही हैं। यहां के मशरूम के स्पॉन की मांग पलामू, लातेहार, गढ़वा और छत्तीसगढ़ के अलावा मेदिनीनगर शहर में भी काफी है। सुषमा की पहल से कई महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर है। वह सर्दियों के मौसम धान की पुटी और गर्मियों के दिनों में गेहूं की पुटी से मशरूम तैयार करती हैं। मशरूम को बनाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। वह इसे पॉलिथीन में भरकर तार के हैंगर में रख देती हैं, जिसमें समय-समय पर पानी देती हैं और मशरूम तैयार होता है। बाद में इसे बिक्री के लिए बाजार भेजा जाता है। सुषमा ने बताया कि वह मशरूम उत्पादन के साथ महिलाओं को प्रशिक्षण भी देती हैं। उनकी इस पहल से कई महिलाएं अपना जीवन यापन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैंने साल 2005 में दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रांची से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद रांची से बीज लाकर वर्ष 2006 में मशरूम का उत्पादन शुरू किया।


