श्याम किशोर पाठक | मेदिनीनगर जिस पदाधिकारी के जिम्मे पूरे प्रखंड के शिक्षा विभाग के कार्यों की जिम्मेदारी होती है, उसी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी की संख्या पलामू में नगण्य है। जिले के 21 प्रखंड और नगर निगम क्षेत्र के कुल 22 कार्यबल के विरुद्ध जिले में मात्र चार बीईईओ कार्यरत हैं। जिनमें तीन के पास पांच-पांच प्रखंडों की जिम्मेवारी है। जबकि दो के पास एरिया ऑफिसर का भी अतिरिक्त प्रभार है। नौबत ऐसी आ गई है कि जिला शिक्षा अधीक्षक स्वयं चार-चार प्रखंड के बीईईओ के प्रभार में काम कर रहे हैं। जबकि परमेश्वर साव, महेंद्र प्रजापति व नागेन्द्र सिंह के पास 5- 5 प्रखंड तथा राकेश कुमार के पास 3 प्रखंड का प्रभार है। ऐसे में शिक्षा विभाग के कार्यों का अनुश्रवण और शिक्षकों की परेशानी को सुनने वाला कोई नहीं है। इसका असर शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ कार्यालय के कार्यों पर भी हो रहा है। बीईईओ की अनुपस्थिति में, जो वास्तव में शिक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारी के बीच के योजक कड़ी होते हैं, उनके नहीं होने से काम पेंडिंग हो रहा है। क्योंकि बीईईओ प्रखंड स्तर के सारे कार्यों के अनुश्रवण के साथ शिक्षकों के लिए वह माध्यम है, जिसके आधार पर उनकी बातें जिला स्तर तक पहुंचाई जाती है।


