पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में आज झुंझुनूं शहर पूरी तरह से बंद है। विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर गांधी चौक सहित मुख्य बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद के दौरान ऑटो और चाय की दुकानें भी बंद है। आज सुबह से ही झुंझुनूं शहर के मुख्य बाजार गांधी चौक, एक नंबर रोड, तीन नंबर रोड, बस स्टैंड, खेमी शक्ति और पीपली चौक इलाके में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद है। दुकानदारों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं और बंद को अपना समर्थन दिया। गांधी चौक पर एकत्रित हुए विभिन्न संगठनों के लोग विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य और आम नागरिक सुबह से ही गांधी चौक पर एकत्रित हुए और उन्होंने आतंकी घटना के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। बंद के आह्वान के कारण शहर में चलने वाले ऑटो रिक्शा भी आज सड़कों से नदारद रहे। जो सड़क पर आए उन्हें समझाकर भेजा आम लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। झुंझुनूं नागरिक मंच के संयोजक उमाशंकर माहमिया ने बताया कि बंद के दौरान केवल पांच टैक्सियों का ही संचालन किया जा रहा है, जो आपातकालीन चिकित्सा सेवा के तहत निशुल्क सेवाएं प्रदान करेंगी। कंट्रोल रूम स्थापित, हेल्पलाइन नंबर जारी किसी भी आपात स्थिति से निपटने और बंद के दौरान लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। जिसके नंबर 9413567031 और 820902224 हैं। गंभीर बीमार या आपातकाल में फंसे हुए व्यक्ति इन नंबरों पर फोन कर निशुल्क यातायात के लिए संपर्क कर सकते हैं। परीक्षाएं यथावत रहेंगी बंद के दौरान राज्य में शामिल होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 9वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाएं अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शहर के सभी समाजों का मिला बंद को समर्थन झुंझुनूं शहर के सभी समाजों के लोगों ने एकजुट होकर इस बंद को अपना समर्थन दिया, जो पहलगाम की घटना के प्रति उनकी गहरी संवेदना और विरोध को दर्शाता है। सुबह से ही शहर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर में चलने वाले ऑटो चालकों ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की। कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों की हत्या के विरोध में शनिवार को सर्व हिंदू समाज के आह्वान पर झुंझुनूं शहर पूर्ण बंद रहा। इस दौरान सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान, टैक्सियां और निजी बसें पूरी तरह से बंद रहीं। नागरिक मंच के जिला संयोजक उमाशंकर महमिया, गौ संवर्धन संस्थान के जिलाध्यक्ष प्रवीण स्वामी, भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष कमल कांत शर्मा, विश्व हिंदू परिषद के योगेंद्र कुंडलवाल, जिला मंत्री जयराज जांगिड़, बजरंग दल के सुशील प्रजापति, राजपूत समाज के रविंद्र तोलियासर, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संदीप गोयल, श्री गणेश युवा मंडल अध्यक्ष अनिल शर्मा, हिंदू नागरिक मंच के धर्मेंद्र तंवर और श्री बालाजी व्यायामशाला के सोनू नायक के नेतृत्व में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। सर्व हिंदू समाज के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाजपा राष्ट्रीय परिषद प्रतिनिधि विश्वंभर पूनिया , राजेश बाबल, कुलदीप पूनिया, प्रमोद जानू, रामगोपाल महमिया, कैलाश शर्मा (टैक्सी यूनियन), भोपाल सिंह (बस यूनियन अध्यक्ष), सूरजगढ़ गौ विद्यायक नवीन रामबास, महेश जीनगर, अजीत जखोड़ा, पार्षद संजय पारीक, चंद्र प्रकाश शुक्ला, विजय कुमार सैनी, प्रमोद खंडेलिया, रणवीर झुरिया, पंकज टेलर, जगदीश गोस्वामी, सोनू पुरोहित, एडवोकेट पंकज बावलिया, सुनील प्रधान, नरेंद्र शर्मा, सौरभ पुरोहित, जयकिशन शर्मा, श्रीकांत पंसारी, अनूप गाड़िया, कमल केजड़ीवाल, सौरभ जोशी और विजय शंकर जोशी के नेतृत्व में गांधी चौक से कलेक्ट्रेट तक एक आक्रोश रैली निकाली। प्रदर्शन के उपरांत, जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। सैकड़ों हिंदू कार्यकर्ताओं के बीच जिला कलेक्टर रामावतार मीणा स्वयं कलेक्ट्रेट के समक्ष नीचे आकर ज्ञापन स्वीकार किया। ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोषी आतंकवादियों, षड्यंत्रकर्ताओं और उनके आका पाकिस्तान के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई। बंद समिति के उमाशंकर महमिया ने बताया कि झुंझुनू में यह पहला ऐतिहासिक बंद रहा, जिसमें मुस्लिम समाज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज के प्रतिष्ठान भी पूरी तरह से बंद रहे और उन्होंने बैठक करके बंद का समर्थन किया था। इस अवसर पर विजेंद्र हतवाल, दीपक शर्मा, शम्भू नेहरा, दीपक स्वामी, गोपाल शुक्ला, ख्यालीराम कुमावत, विनोद जांगिड़, अमर सिंह बाकोलिया, भरत पुरोहित, धीरज हिसारिया, पुनीत पुरोहित, वेद प्रकाश महंसरीया, सुरेंद्र बंशीवाल सहित बड़ी संख्या में सर्व हिंदू समाज के लोग उपस्थित थे।


