3.4 लाख की एफडी लौटाने के लिए कॉन्ट्रेक्टर से मांगी थी रकम रायसेन की बाड़ी नगर पालिका परिषद के चीफ म्यूनिसिपल ऑफिसर (सीएमओ) के लिए रिश्वत लेने भोपाल पहुंचे दो बाबुओं को लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप किया है। एक सिविल कॉन्ट्रेक्टर से रिश्वत के तौर पर आरोपी 40 हजार रुपए नकद और 60 हजार रुपए का चेक ले रहे थे। संभवत: भोपाल में ये पहला मामला है, जब कोई रिश्वत की रकम चेक से लेते हुए पकड़ा गया है। श्मशान घाट के निर्माण कार्य के लिए जमा 3.40 लाख रुपए की एफडी कॉन्ट्रेक्टर को वापस करने के एवज में सीएमओ ने एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की रकम लेने के लिए सीएमओ ने अपने दोनों बाबुओं को भेजा था। इस आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने दोनों बाबुओं समेत सीएमओ को भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में आरोपी बनाया है। टीम को देखते ही फेंक दी रकम सीएमओ ने अपने कंप्यूटर ऑपरेटर शुभम जैन और टाइम कीपर जय कुमार को भोपाल भेज दिया। एक कार से दोनों एमपी नगर जोन-1 स्थित बापू की कुटिया के सामने पहुंचे। राजेश ने को-पैसेंजर सीट पर बैठकर शुभम के हाथ में 40 हजार कैश और 60 हजार का चेक दिया। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शुभम को ट्रैप कर लिया। टीम को देखते ही शुभम ने रकम गाड़ी में फेंक दी थी, जिसे टीम ने जब्त कर लिया है। परफॉर्मेंस गारंटी के तहत जमा थी एफडी डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नर्मदापुरम रोड निवासी राजेश मिश्रा ने लिखित शिकायत की थी। बताया था कि 2021 में राजेश ने नगर पालिका परिषद बाड़ी में श्मशान घाट का निर्माण किया था। नगर पालिका ने परफॉर्मेंस गारंटी के तहत जमा 3.40 लाख रुपए की एफडी नहीं लौटाई थी। ये एफडी नगर पालिका को 2023 में लौटानी थी। एफडी लौटाने के एवज में सीएमओ बद्री प्रसाद शर्मा ने 1 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था। लोकायुक्त पुलिस ने योजना के तहत राजेश को रिश्वत देने को कहा। राजेश ने सीएमओ से कहा था कि मैं 40 हजार नकद और 60 हजार का चेक दे सकता हूं। सीएमओ इस पर तैयार हो गया था।


