राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा जयपुर के सांगानेर इलाके का 10 साल पुराना केस। हर रोज की तरह नौ साल की मासूम बच्ची स्कूल के लिए रवाना हुई। उसके स्कूल जाने के बाद मां-बाप भी काम के लिए रवाना हो गए। शाम को दोनों पति-पत्नी वापस घर लौटे तो मासूम घर में नहीं थी। काफी तलाशा, लेकिन कहीं नहीं मिली। पड़ोसियों से पूछा लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। थक हारकर पुलिस को सूचना दी। इसी दौरान ऐसा क्लू मिला, जिसके बाद इस पूरे मामले का हैरतअंगेज खुलासा हुआ। अब पढ़िए आगे की कहानी… पड़ोस में ही रहने वाले युवक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके दोस्त सूरज ने उसे एक लाश ठिकाने लगाने के लिए कहा था। युवक ने बताया कि उसने सूरज का साथ देने से इनकार कर दिया था। ये बात सुनकर पुलिस ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी और और सूरज की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने सूरज को हिरासत में लेकर हुए सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि दोपहर में स्कूल से आने के बाद मासूम अपने घर में खाना खाने के लिए आई थी। उसी दौरान सूरज मासूम को बहलाकर एक खंडहर में ले गया। वहां उसने मासूम के हाथ-मुंह बांधकर पहले दुष्कर्म किया। फिर पकड़े जाने के डर से ब्लेड से गला काटकर उसकी हत्या कर दी। लाश को खंडहर में ही रखकर अनजान बनने का नाटक करता रहा। जिस वक्त मासूम के मां-बाप उसकी तलाश कर रहे थे, तब सूरज भी तलाश का ढोंग करता रहा, ताकि उस पर किसी को शक न हो। सूरज की निशानदेही पर पुलिस को एक नाले के पास खंडहरनुमा मकान में बच्ची का हाथ-पांव बंधा शव बरामद हुआ। इस मामले में पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत-3 महानगर द्वितीय ने नौ साल की बच्ची का अपहरण करने के बाद उससे दुष्कर्म कर हत्या करने वाले सूरज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सूरज ने न सिर्फ नौ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि गला काटकर उसकी हत्या कर दी। ऐसे में उसके प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता। पीड़ित पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ललिता संजीव महरवाल ने पैरवी की थी। सुबह स्कूल गई थी बेटी, घर नहीं लौटी:शाम को मां-बाप ने हर जगह ढूंढा, पुलिस को पड़ोसी युवक से मिला सुराग, पार्ट-1


