शहर की रामदेव कॉलोनी से बुधवार सुबह बच्चे का अपरहण करने वाले अपहरणकर्ता दो दिन पहले से ही बच्चे के संपर्क में थे। ये लोग बच्चे के मकान वाली गलियों में बार-बार जाते, बच्चे से संपर्क करते, उसे लुभाने की कोशिश करते जिससे कि उससे दोस्ती हो सके। दो दिन तक लगातार बच्चा आरोपियों से संपर्क में रहने के कारण जब बुधवार को आरोपियों ने उसका अपहरण किया तो बच्चा आसानी से उनके साथ चला गया।
अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी बच्चे के परिचित तो नहीं थे, लेकिन वे उससे परिचय बनाने की कोशिश कर रहे थे और इसी के जरिए वे अपहरण करने में भी कामयाब हो गए। घर से थोड़ी दूर अपहरण
घटना के समय बच्चा अपने मकान के सामने अपने दादा भारत भूषण के साथ खेल रहा था। बच्चे के दादा को किसी काम से घर में जाना पड़ा। इसी एक से दो मिनट के समय के दौरान आरोपी इस इलाके में आ गए। बच्चा खेलते हुए घर से थोड़ी दूर चला गया। वहां मोड़ पर मोटरसाइकिल के साथ खड़े आरोपियों ने उससे परिचय दर्शाया। बच्चा दो दिन से आरोपियों के संपर्क में था इसलिए उसने भी उनसे परिचय दिखाया। वहां से आरोपी इस एक से दो मिनट में ही बच्चे को उठा ले गए।
दीपक और लक्की हैं आरोपी
आरोपियों को दीपक और लक्की के रूप में पहचाना गया है। आरोपी कहां के रहने वाले हैं, इस बारे में एसपी गौरव यादव का कहना है कि आरोपियों के घर, मोबाइल नंबर और अन्य तमाम जानकारियां पुलिस ने ले ली है। जल्द ही यह भी खुलासा कर दिया जाएगा कि आरोपी कहां के रहने वाले हैं। लोकल लोगों की मदद से पकड़ा
पुलिस ने तकनीकी साधनों का उपयोग कर आरोपियों को पकड़ा। जिस नंबर से आरोपियों ने फोन किया और फोटो भेजे वह बंद आ रहा था। ऐसे में पुलिस ने टैक्निकल टीम की मदद से उस लॉकेशन को सर्च किया जहां यह फोन एक्टिव था। यह लॉकेशन गांव साधुवाली के आसपास थी, लेकिन काफी बड़ा इलाका होने का पता लग रहा था। ऐसे में वहां के मुखबिर और युवाओं से मदद मांगी गई। इस लॉकेशन पर पुलिस की टीमें भी भेज दी गई। जिन युवाओं से पुलिस ने मदद मांगी थी, उन्होंने इन्हें शाम को पकड़ लिया, इसके करीब चालीस पचास सैकिंड या एक मिनट के बाद पुलिस भी लॉकेशन पर पहुंच गई थी।
प्रथम दृष्टया फिरौती ही कारण
शुरुआती तौर पर अपहरण का कारण दस लाख रुपए की फिरौती है। पुलिस की जानकारी में यह तथ्य आ गया था, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। बच्चे की सुरक्षा और आरोपियों के अलर्ट हो जाने को देखते हुए देर रात तक पुलिस इस मामले में किसी तरह की फिरौती की बात से इनकार करती रही। एसपी यादव ने बताया कि शुरुआती तौर पर दस लाख रुपए की फिरौती ही अपहरण का कारण समझ आ रहा है।


